रिलायंस सासन की क्षतिग्रस्त ऐशडाइक की तकनीकी जांच शुरू, विशेषज्ञ समिति सिंगरौली पहुंची
कलेक्टर के प्रतिवेदन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गठित की एक्सपर्ट कमेटी; डिजाइन, निर्माण, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय प्रभावों की होगी जांच

सिंगरौली। रिलायंस सासन पावर की क्षतिग्रस्त ऐशडाइक से उत्पन्न स्थिति और संभावित प्रभावों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गौरव बैनल के प्रतिवेदन पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। समिति ने गुरुवार को सिंगरौली पहुंचकर ऐशडाइक का स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच शुरू कर दी।विशेषज्ञ समिति ऐशडाइक के मूल डिजाइन, संरचनात्मक व्यवस्था, निर्माण कार्य और डिजाइन के अनुरूप किए गए क्रियान्वयन का परीक्षण करेगी। इसके साथ ही संचालन की कार्यप्रणाली और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी।
जलभराव और पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन
ऐशडाइक के क्षतिग्रस्त होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में उत्पन्न जलभराव, जल की गुणवत्ता और पर्यावरण पर पड़े संभावित प्रभावों का भी विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण किया जा रहा है। समिति यह भी आकलन करेगी कि मौजूदा संरचना से भविष्य में जनहानि, संपत्ति को नुकसान या पर्यावरणीय क्षति की कोई आशंका तो नहीं है।
जांच के दौरान ऐशडाइक की संरचनात्मक और तकनीकी कमियों की भी पड़ताल की जाएगी। यदि कोई कमी सामने आती है तो प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की अनुशंसा समिति करेगी।
कमी मिली तो होगी सुधारात्मक कार्रवाई
कलेक्टर गौरव बैनल ने विशेषज्ञ समिति को जांच निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐशडाइक के डिजाइन, निर्माण, क्रियान्वयन या संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी कमी अथवा लापरवाही सामने आने पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिला प्रशासन ऐशडाइक से संबंधित स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। प्रशासन ने पर्यावरणीय सुरक्षा और जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।













