जनहित की आवाज पर ‘बांड’ का नोटिस, जन उड़ान पार्टी अध्यक्ष भास्कर मिश्रा को 9 सितंबर को पेशी
बैढ़न पुलिस के प्रतिवेदन पर एसडीएम न्यायालय की कार्रवाई; बीएनएसएस की धारा 129 के तहत सदाचार बंधपत्र के लिए नोटिस

सिंगरौली। विस्थापितों, आदिवासियों और आमजन के मुद्दों को लेकर मुखर रहने वाले जन उड़ान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भास्कर मिश्रा को उपखंड मजिस्ट्रेट न्यायालय सिंगरौली से सदाचार का बंधपत्र प्रस्तुत करने का नोटिस जारी हुआ है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के तहत की गई है। नोटिस के बाद जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बैढ़न पुलिस के प्रतिवेदन पर दर्ज हुआ प्रकरण
एसडीएम न्यायालय से जारी नोटिस के अनुसार, थाना प्रभारी कोतवाली बैढ़न ने 2 सितंबर 2026 को इस्तगासा क्रमांक 27/2026 प्रस्तुत किया था। पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय में दांडिक प्रकरण क्रमांक 02/आपराधिक/129/2026 पंजीबद्ध किया गया है।
नोटिस में क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भास्कर मिश्रा से सदाचार का बंधपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस पर मिश्रा ने सोशल मीडिया में उठाए सवाल
नोटिस की प्रति सामने आने के बाद भास्कर मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, “हमारी आवाज बंद करने के लिए बांड भरने की नोटिस….. आप क्या कहते हैं, चुप हो जाएं….? आपकी क्या राय है…….?”पोस्ट के बाद समर्थकों और स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समर्थकों का कहना है कि मिश्रा लंबे समय से विस्थापितों, गरीबों और आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई या आवाज दबाने का आरोप?
नोटिस जारी होने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थकों ने कार्रवाई को जनहित के मुद्दे उठाने वाली आवाज पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पुलिस के प्रतिवेदन और न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत है।अब मामले में 9 सितंबर की पेशी महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान भास्कर मिश्रा अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखेंगे।













