सीधी

सात दिनों के आराम के बाद अब काम में लौटेगी बापू व भरत की टीम…

वरिष्ट अधिकारियों की उपस्थिती में हाथी रिजूवनेशन कैंप का हुआ समापन…

सात दिनों के आराम के बाद अब काम में लौटेगी बापू व भरत की टीम…

संजय सिंह मझौली

सीधी: जिले के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन परिक्षेत्र दुबरी के खैरी झील हाथी कैंप में सात दिवसीय हाथी रिजुवनेशन कैंप का समापन डॉ. कैलास तिवारी सेवा निबृत्त उपसंचालक पशु स्वास्थ्य सेवाएं एवं पदेन वार्डेन वाइल्ड लाईफ व अध्यक्षता वंशपती सिंह मुखिया एवं विभाग के वरिष्ट अधिकारियों की उपस्थिती में किया गया। कैंप 23 सितंबर से 29 सितंबर तक लगातार जारी रहा। कार्यक्रम में क्षेत्र संचालक अमित कुमार दुबे, उपसंचालक राजेश कन्ना, सहायक संचालक सुधीर मिश्रा,अधीक्षक सोन घड़ियाल प्रमोद सिंह, वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अभय सेंगर,परिक्षेत्र दुबरी विवेक सिंह, बस्तुआ, पोंड़ी, सोन घड़ियाल एवं वन अमला की उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन बड़े ही धूम-धाम से किया गया।
एक सप्ताह तक चले इस कार्यक्रम में संजय टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए सेवा देने वाले हाथी बापू,भरत, चित्रा और शांभवी को रूटीन टस्क, ट्रीमिंग, नाखून कटिंग के बाद साज सज्जा की गई एवं उन्हें विशेष आहार दिया गया वहीं स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए ब्लड सेंपलिंग ली गई साथ ही महावत के साथ परिचर्चा किया गया एवं खेलकूद आदि कार्यक्रम पिछले सात दिनों से आयोजित किया गया।
मध्य प्रदेश में हाथी महोत्सव मुख्य रूप से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (उमरिया) और संजय टाइगर रिजर्व (सीधी) में आयोजित होता है, जहाँ हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन, उनकी देखभाल, और उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में आराम देने के लिए एक सप्ताह का “एलिफेंट रिजुवेनेशन कैंप” या हाथी महोत्सव मनाया जाता है. इसमें हाथियों की पूजा की जाती है, उन्हें विशेष भोजन दिया जाता है, उनकी तेल मालिश व टस्क ट्रिमिंग की जाती है, और काम से पूरी तरह मुक्त रखा जाता है. इसका उद्देश्य हाथियों के महत्व को बढ़ाना और वन्यजीव संरक्षण में उनकी भूमिका को महत्व देना है.

 

क्यों मनाया जाता है?
हाथियों का स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल: यह एक सप्ताह का “एलिफेंट रिजुवेनेशन कैंप” होता है, जिसमें हाथियों को नहलाया जाता है, उनकी तेल मालिश की जाती है, और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है.
विशेष भोजन और आराम: हाथियों को उनके पसंद के फल जैसे केला, सेब, गन्ना, नारियल आदि खिलाए जाते हैं और वे पूरे सप्ताह किसी भी काम से मुक्त रहते हैं.

हाथियों की भूमिका का महत्व:
यह आयोजन हाथियों के सामाजिक व्यवहार और वन्यजीव संरक्षण में उनके महत्व, जैसे बाघों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी देता है.
एनजीटी गाइडलाइन का पालन:
यह एक अनिवार्य कार्यक्रम है जो राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की गाइडलाइन के आधार पर टाइगर रिजर्व द्वारा हर साल किया जाता है जिसमे लगभग एक सप्ताह के आराम व मौज-मस्ती के बाद अब हाथी अपने काम में लौट आएंगे।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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