जयपुर नगर निगम में ‘जेन जी’ की दस्तक: 21 वर्षीय फैज हसन ने दर्ज की जीत, राजस्थान निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा

जयपुर। राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के परिणामों में जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यभर में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है, वहीं जयपुर नगर निगम में नई पीढ़ी (जेन जी) की राजनीतिक एंट्री ने राजनीतिक पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। महज 21 साल की उम्र में कांग्रेस प्रत्याशी फैज हसन ने वार्ड 71 से शानदार जीत दर्ज कर निगम की राजनीति में कदम रखा है।
रोमांचक मुकाबले में निर्दलीय को दी मात
अपनी कम उम्र के कारण चर्चा में आए फैज हसन ने 5,426 वोट हासिल किए। उन्होंने एक बेहद करीबी और रोमांचक मुकाबले में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद सलीम (5,256 वोट) को 170 वोटों के अंतर से हराया। वहीं, इस वार्ड से भाजपा प्रत्याशी निशा गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं। जयपुर जैसे शहर में, जहां भाजपा बढ़त बनाए हुए है, वहां कांग्रेस के एक 21 वर्षीय युवा चेहरे पर जनता का यह भरोसा स्थानीय राजनीति में हो रहे पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है।
राजस्थान निकाय चुनाव के समग्र नतीजे: भाजपा आगे
पूरे प्रदेश के 309 शहरी निकायों (10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं) के घोषित नतीजों पर नजर डालें तो भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ी बढ़त बना ली है। 10,244 वार्डों में से 8,700 से अधिक वार्डों के घोषित परिणामों के अनुसार:
भाजपा: 3,587 वार्डों में विजयी
कांग्रेस: 3,050 वार्डों में विजयी
निर्दलीय: 2,024 वार्डों में विजयी (निर्दलीयों के इस बड़े आंकड़े ने कई जगह समीकरण बदल दिए हैं)
अन्य: आरएलपी (56), माकपा (37), बसपा (15), आप (10) और भारत आदिवासी पार्टी (8) वार्डों में जीती।
प्रमुख शहरों का हाल: कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस का जोर
जयपुर और उदयपुर में भाजपा का परचम: 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में (120 के घोषित नतीजों तक) भाजपा 63 सीटों के साथ आगे है, जबकि कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। वहीं, उदयपुर के 80 वार्डों में भाजपा ने 53 सीटों पर जीत के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है (कांग्रेस 23 पर सिमटी)।
अजमेर और पाली में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन: अजमेर के 80 वार्डों में कांग्रेस (37 सीटें) ने भाजपा (32 सीटें) को पीछे छोड़ दिया। इसी तरह पाली (65 वार्ड) में भी कांग्रेस (29 सीटें) भाजपा (21 सीटें) से आगे रही।
भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर (65 वार्ड) के नतीजे चौंकाने वाले रहे। यहाँ निर्दलीय उम्मीदवारों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा को 20 और कांग्रेस को केवल 7 वार्डों से संतोष करना पड़ा।
2028 के लिए लिटमस टेस्ट
दो चरणों (9 और 11 सितंबर) में हुए इन चुनावों में करीब 73.56% बंपर मतदान हुआ था। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले इन परिणामों को दोनों प्रमुख दलों के जमीनी संगठन और जनसमर्थन की अहम परीक्षा माना जा रहा है। एक तरफ जहां भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अपना दबदबा साबित किया है, वहीं फैज हसन जैसे युवा नेताओं की जीत ने स्थानीय राजनीति को एक नई और युवा दिशा दी है।












