11 मांगों पर बनी सहमति, 8 दिन बाद विस्थापितों का आंदोलन समाप्त
जल सत्याग्रह से चिता आंदोलन और सांकेतिक फांसी तक पहुंचा था संघर्ष, त्रिपक्षीय वार्ता में प्रशासन और कंपनी ने लिखित समझौता किया

सिंगरौली। सासन पावर लिमिटेड हर्रहवा के विस्थापितों की मांगों को लेकर जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह के नेतृत्व में चल रहा आठ दिवसीय आंदोलन आखिरकार लिखित समझौते के बाद समाप्त हो गया। आंदोलन के दौरान जल सत्याग्रह, चिता आंदोलन और सांकेतिक फांसी जैसे विरोध प्रदर्शन किए गए। बढ़ते विरोध के बीच सोमवार को जिला प्रशासन, सासन पावर प्रबंधन और विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें 11 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी।
समझौते के तहत ऐश डाइक की स्थिरता की तकनीकी और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम दो माह में समीक्षा करेगी। रिसाव से प्रभावित मकानों का सर्वे कर निर्माण के लिए सामग्री और मजदूरी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।
विस्थापित युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देते हुए पहले माह 15 और अगले छह माह में 35 युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई। फसल व भूमि क्षति का सर्वे कर मुआवजा देने तथा खराब भूमि को दोबारा कृषि योग्य बनाने का निर्णय हुआ।
प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जांच, जरूरत के अनुसार हैंडपंप और पानी पीने योग्य होने तक टैंकर व जार से जल उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। बरसात के बाद ऐश डाइक और सूर्य विहार विस्थापित कॉलोनी में सड़क निर्माण कराया जाएगा।
प्लॉट और कब्जे से वंचित विस्थापितों की समस्या दो माह में हल करने, पेंशन व भत्ते में नियमानुसार वृद्धि तथा सीएसआर राशि का स्थानीय जरूरतों के अनुसार उपयोग करने का आश्वासन दिया गया। बच्चों की शिक्षा संबंधी मांगों पर भी कार्रवाई की सहमति बनी।
समझौते पर प्रशासन, कंपनी और विस्थापितों की ओर से संदीप शाह ने हस्ताक्षर किए। संदीप शाह ने इसे विस्थापितों के अधिकारों की बड़ी जीत बताया।











