30 सितंबर को एनसीएल मुख्यालय का घेराव, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग; मोरवा विस्थापन से जुड़े मंचों ने एकजुट होकर आंदोलन का किया ऐलान

सिंगरौली। मोरवा विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग को लेकर सिंगरौली पुनर्वास मंच सेवा समिति ने आंदोलन का ऐलान किया है। समिति ने 30 सितंबर को सुबह 10:30 बजे एनसीएल मुख्यालय के सामने धरना देने की सूचना एनसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को दी है। मंच ने मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
समिति की ओर से 21 सितंबर को एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर धरना-प्रदर्शन के दौरान आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था कराने की मांग की गई है। मंच के अनुसार विस्थापन प्रक्रिया में कथित विसंगतियों, मुआवजा निर्धारण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले करीब दो वर्षों से एनसीएल प्रबंधन के साथ पत्राचार और बैठकों के माध्यम से संवाद किया जा रहा है।
दो साल से समाधान का इंतजार
विस्थापन मंच का कहना है कि कई बार पत्राचार, अनुस्मारक और बैठक के अनुरोध के बावजूद लंबित मामलों के समाधान की दिशा में अपेक्षित ठोस पहल नहीं हुई। इसके चलते प्रभावित परिवारों में असंतोष बढ़ रहा है। मंच के अनुसार कई परिवार अब भी मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और विस्थापन से जुड़े अधिकारों को लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं।
सभी विस्थापन मंच होंगे शामिल
प्रस्तावित आंदोलन में मोरवा विस्थापन से जुड़े विभिन्न मंचों के एकजुट होकर शामिल होने की बात कही गई है। मंचों का कहना है कि विस्थापन से जुड़े मुद्दे किसी एक संगठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों से जुड़े सामूहिक विषय हैं। इसी के मद्देनजर 30 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में सभी मंचों की भागीदारी की अपील की गई है।
मंच की ओर से मोरवा के प्रतिष्ठानों को बंद रखकर आंदोलन में शामिल होने की भी अपील की गई है। आयोजकों के अनुसार प्रभावित नागरिक बैनर, झंडे, लाउडस्पीकर सहित लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी मांगें रखेंगे।
प्रशासन को भेजी कार्यक्रम की सूचना
धरना-प्रदर्शन की सूचना एनसीएल प्रबंधन के अलावा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी दी गई है। पत्र की प्रतिलिपि कोयला राज्य मंत्री, कोल इंडिया चेयरमैन, सांसद, विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। मंच ने कहा है कि प्रभावित परिवारों की मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की तैयारी है।










