जबलपुर का मास्टर प्लान जल्द होगा जारी, अगले माह बड़ा औद्योगिक कॉन्क्लेव

जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जबलपुर का नया मास्टर प्लान जल्द सामने आएगा। अगले माह जबलपुर में बड़े औद्योगिक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित कर महाकौशल में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा। इसमें कटनी और नरसिंहपुर को भी शामिल करते हुए पूरे क्षेत्र की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं को सामने रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री निवास में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पहल पर महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स और जबलपुर के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा हुई। बैठक में आईटी, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर निर्माण, चिकित्सा, पर्यटन और रिंग रोड के विस्तार जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर विचार किया गया। शासन की ओर से औद्योगिक परियोजनाओं से संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिलाया गया।
20 से 30 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगा मास्टर प्लान
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मास्टर प्लान में अगले 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसमें रिंग रोड, औद्योगिक पहुंच मार्ग, लॉजिस्टिक्स डिपो, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कौशल विकास केंद्र, आधुनिक बस टर्मिनल और आवासीय क्षेत्रों के लिए भूमि की जरूरत को शामिल करने पर जोर दिया गया। नागरिकों और उद्योग जगत से प्राप्त लिखित सुझावों को भी योजना में शामिल करने की बात कही गई।
कटनी और नरसिंहपुर के साथ बनेगा क्षेत्रीय निवेश क्लस्टर
बैठक में जबलपुर को भारी उद्योग, रक्षा उत्पादन और माल ढुलाई के क्षेत्र में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कटनी के खनिज संसाधनों और नरसिंहपुर के कृषि उत्पादों को भी क्षेत्रीय निवेश रणनीति से जोड़ने की योजना पर विचार किया गया। इससे महाकौशल क्षेत्र को एकीकृत औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
पर्यटन और हवाई संपर्क पर भी जोर
बैठक में भेड़ाघाट, बरगी बांध और वन क्षेत्रों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने, होटल और पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने तथा हवाई संपर्क के विस्तार पर भी चर्चा हुई। बड़े विमानों के नियमित संचालन और पर्यटकों की सुविधा के लिए हवाई पट्टी के आधुनिकीकरण की संभावनाओं पर विचार किया गया।
इसके अलावा रियल एस्टेट, नगर एवं ग्राम निवेश तथा रेरा से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और औद्योगिक अनुमतियों के लिए समयसीमा तय करने पर भी चर्चा हुई। उद्योग जगत ने शासन की इस पहल का स्वागत किया।













