भगवान श्री वाल्मीकि प्रकट दिवस पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने डड्डूमाजरा मंदिर में की पूजा-अर्चना, दिए भाईचारे और शिक्षा के संदेश

मनोज शर्मा
पोल खोल चंडीगढ़
भगवान श्री वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया डड्डूमाजरा कालोनी स्थित भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के मंदिर पहुँचे,जहाँ उन्होंने माथा टेका और पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम की शुरुआत में देवेंद्र सिंह,अध्यक्ष,सप्तसिंधु डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टडी सर्कल एवं एनवाईसीएस के निदेशक एवं संजय टंडन,वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सह प्रभारी, हिमाचल प्रदेश भाजपा तथा महर्षि वाल्मीकि आश्रम कमेटी के सदस्यों ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर महामहिम का स्वागत किया।
तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर महामहिम कटारिया ने समाज में भगवान् वाल्मीकि जी द्वारा दिए गए भाईचारा,समानता और सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मंदिर प्रांगण में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन से प्रेरणादायक प्रसंगों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर भगवान श्री वाल्मीकि आश्रम कमेटी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का प्रण किया।
अपने संबोधन में गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी ने जिस रामायण की रचना की,वह संस्कृत भाषा में लिखी गई पहली रामायण है। उन्होंने कहा कि जब माता सीता को वनवास मिला,तब उन्होंने अपने दोनों पुत्रों को भगवान श्री वाल्मीकि जी के आश्रम में जन्म दिया और उनका पालन-पोषण भी वहीं हुआ।
महामहिम ने कहा कि वास्तव में व्यक्ति की बुद्धि की प्रखरता की कोई सीमा नहीं होती। भगवान श्री वाल्मीकि जी ने जिस प्रकार अपने ज्ञान और चिंतन से रामायण की रचना की,उसी प्रकार डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने भी अपने ज्ञान से भारत के संविधान की रचना की।
यह दोनों ही उदाहरण इस बात का प्रमाण हैं कि ज्ञान किसी के अधीन नहीं होता,यह व्यक्ति के परिश्रम और गुणों का परिणाम होता है। गुलाब चंद कटारिया ने उपस्थित सभी लोगों को यह संदेश दिया कि वे अधिक से अधिक शिक्षित होकर समाज के उत्थान में योगदान दें,क्योंकि शिक्षा ही अग्रसर होने की एकमात्र साधन है।
उन्होंने कहा कि यदि हम सभी अच्छे से शिक्षित हो जाएंगे तो निश्चय ही भारत अंतरराष्ट्रीय पटल पर विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम के दौरान देवेंद्र सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भगवान श्री वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण की प्रति एवं भगवान श्री वाल्मीकि जी की प्रतिमा गुलाब चंद कटारिया एवं उनके सचिव वीपी सिंह,आईएएस को स्मृति चिन्ह स्वरूप सप्रेम भेंट की गई तथा रणधीर कुमार, एडीसी टू गवर्नर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन,वरिष्ठ अधिवक्ता सतिंदर सिंह,समरसता विभाग से विजय,सतीश गोगलिया,प्रधान एवं हुसैन सिंह,चेयरमैन,भगवान श्री वाल्मीकि आश्रम, डड्डूमाजरा कालोनी,पूर्व मेयर कुलदीप कुमार एवं राजेश कुमार कालिया,हिसार कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पवन कुमार,सत्यदेव गर्ग(विक्की), बलवंत सिंह भिखी,हरियाणा प्रांत से दिनेश वाल्मीकि,खुर्शीद आलम,वीरेंद्र जेडी,विकास राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे।













