टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन के मुख्य गेट पर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी, लिखित आश्वासन पर अड़े विस्थापित
सरपंच छोटे सिंह मरावी और बृजेश तिवारी ने कहा- समस्याओं का लिखित समाधान होने तक नहीं हटेंगे प्रदर्शनकारी, सैकड़ों ग्रामीण आंदोलन में शामिल

सिंगरौली। जिले की टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 30 अक्टूबर को भी लगातार जारी रहा। परियोजना के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक टीएचडीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से उनकी समस्याओं के निराकरण को लेकर लिखित में ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे सरपंच छोटे सिंह मरावी और बृजेश तिवारी ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला है। केवल मौखिक आश्वासन से ग्रामीणों का भरोसा नहीं बन पा रहा है। इसलिए अब उनकी मांग है कि सभी समस्याओं के निराकरण को लेकर लिखित सहमति दी जाए और समाधान की ठोस प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में सरपंच छोटे सिंह मरावी, हरिकांत पटेल, श्यामसुंदर सिंह मुखिया, राजेंद्र सिंह मरावी, रामधनी पटेल, बाबुनंदन पटेल, हृदयलाल सिंह, पंच केशकुमारी, सीतामति उर्फ पूजा खैरवार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी मांगों पर अड़े रहने की बात कही। फिलहाल टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन के मुख्य गेट पर आंदोलन जारी है और सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन एवं प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।













