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धनतेरस पर सिंगरौली के बाजारों में उमड़ी भीड़, लेकिन खरीदारी में दिखी जेब की चिंता

महंगे सामान से ग्राहकों ने बनाई दूरी, हल्के बर्तनों और झाड़ू तक सिमटी खरीदारी, चांदी के सिक्कों की रही मांग; पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था

सिंगरौली। धनतेरस का पर्व जिलेभर में उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। धनतेरस के अवसर पर सिंगरौली, बैढ़न, मोरवा, बरगवां, देवसर, चितरंगी, जयंत, निगाही, नवानगर सहित जिले के विभिन्न नगरीय एवं कस्बाई क्षेत्रों के बाजारों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ती रही। बर्तन, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक, सजावटी सामान और पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी आवाजाही देखने को मिली। हालांकि बाजारों में रौनक के बावजूद इस बार खरीदारी में लोगों की जेब की चिंता साफ दिखाई दी। अधिकांश ग्राहकों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार छोटी और जरूरत की वस्तुएं खरीदकर धनतेरस की परंपरा निभाई।

जिले के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ तो नजर आई, लेकिन महंगाई और घरेलू बजट के दबाव के चलते महंगे सामान की खरीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही। बर्तन दुकानों पर भारी और महंगे बर्तनों के बजाय छोटी कटोरी, चम्मच, गिलास और हल्के बर्तनों की मांग अधिक रही। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने धनतेरस की परंपरा के अनुसार झाड़ू की खरीदारी भी की। दुकानदारों के अनुसार ग्राहकों की संख्या अच्छी रही, लेकिन प्रति ग्राहक खरीदारी का दायरा सीमित दिखाई दिया।

सोने-चांदी के बजाय चांदी के सिक्कों की ओर बढ़ा रुझान

धनतेरस पर जिले के सराफा बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। सोने-चांदी की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच लोगों ने अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी की। महंगे सोने के आभूषणों के बजाय चांदी के सिक्कों और हल्के आभूषणों की ओर ग्राहकों का रुझान अधिक दिखाई दिया। लक्ष्मी-गणेश की छाप वाले चांदी के सिक्कों की मांग रही। कई परिवारों ने सीमित बजट में चांदी के सिक्के खरीदकर धनतेरस की शुभ परंपरा का निर्वहन किया।

सजावटी सामान और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी रही भीड़

दीपावली की तैयारियों को लेकर बाजारों में सजावटी सामान, रंग-बिरंगी लाइटें, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, मिट्टी के दीये, दीपक, फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी रौनक रही। लोगों ने घरों को सजाने और दीपावली पूजन की तैयारियों के लिए अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदा। मिट्टी के दीयों और पारंपरिक दीपकों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। वहीं इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर भी लाइटिंग और सजावट से जुड़े सामान की मांग देखने को मिली।

देशभर में एक लाख करोड़ से अधिक कारोबार का अनुमान

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष धनतेरस पर देशभर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की संभावना जताई गई थी। वहीं सोने और चांदी के कारोबार का अनुमान 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक लगाया गया। हालांकि जिले के स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की खरीदारी का स्वरूप अलग दिखाई दिया, जहां लोगों ने बड़े खर्च के बजाय छोटी और उपयोगी वस्तुओं को प्राथमिकता दी।

मोरवा में पुलिस ने संभाली व्यवस्था, अन्य बाजारों में भी रहा वाहनों का दबाव

धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए जिले के प्रमुख बाजारों में यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मोरवा में थाना निरीक्षक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। बागी रेडियो हाउस रोड, सिंडिकेट बैंक रोड और गुरुद्वारा रोड सहित प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों के बाजार क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाने से मुख्य बाजार में यातायात काफी हद तक नियंत्रित रहा। हालांकि बाजार से जुड़े अन्य मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति भी बनी। पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था संभालते रहे।

कुल मिलाकर धनतेरस पर पूरे सिंगरौली जिले के बाजारों में उत्सव का माहौल रहा। लोगों ने परंपरा, आस्था और जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए खरीदारी की। बाजारों में भीड़ ने त्योहार की रौनक बढ़ाई, लेकिन इस बार खरीदारी का अंदाज यह भी बताता रहा कि महंगाई के दौर में लोग हर खर्च सोच-समझकर कर रहे हैं।

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