खाद पर विवाद:खाद की समस्या पर किसानों ने घेरा तहसीलदार का वाहन…

खाद पर विवाद:खाद की समस्या पर किसानों ने घेरा तहसीलदार का वाहन…
किसानों ने चक्काजाम कर किया जोरदार प्रदर्शन…
सीधी: पूरे प्रदेश भर से लेकर सीधी जिले में भी वर्तमान में महीने भर से खाद संकट के मुद्दे को लेकर हर तरफ से खबरें आती रही हैं, जिले भर के किसान खाद को लेकर हाहाकार मचाए हुए हैं।
जहां देखो वहीं सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी लाइनें दिन उगने के साथ लग जाती हैं पर देर रात तक उन्हें खाद न मिलने के कारण खाली हाथ वापस जाना पड़ता है।
अभी चार दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी ने सीधी जिला मुख्यालय में खाद गोदाम के सामने ही प्रदर्शन किया था और खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की बात उठाई थी परंतु अभी भी जिले भर में खाद की उपलब्धता को लेकर कमी का भरपूर आलम बना हुआ है।
अमिलिया में फिर हंगामा
जिले के अमिलिया खाद गोदाम में खाद की समस्या को लेकर कल सोमवार को फिर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया। भारी संख्या में किसानों को खाद न मिलने की वजह से किसानों ने तहसीलदार का वाहन घेरकर अमिलिया एवं हनुमना मार्ग पर कई घंटे विरोध प्रदर्शन भी किया। तहसीलदार भी इस दौरान मौके पर पहुंचीं लेकिन समझाईस के बाद भी किसान नहीं माने।
किसानों की मांग है कि हम लोगों को यूरिया के लिए भोर से लेकर देर रात तक लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद भी यूरिया नहीं मिल रही है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई पहल नहीं करते। जिस वजह से किसान आक्रोषित होकर चक्काजाम आंदोलन भी किए।
मालूम हो कि जनपद सिहावल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया सहकारी खाद गोदाम में पिछले तीन हफ्तों से किसान यूरिया के लिए पूरी तरह परेशान हैं। वहीं सोमवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। टोकन मिलने के बाद भी किसान काफी आक्रोषित रहे। यहां तक कि तहसीलदार के वाहन के सामने खड़े होकर जाम लगा दिया। इसके बाद घंटे भर से ज्यादा समय तक जाम की स्थिति बनी रही। जिससे अन्य वाहन चालक भी परेशान होते रहे। पूरे मामले में किसानों का आक्रोश यह रहा कि समय पर खाद क्यों नहीं मिल रही है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी भी जवाब देने से कतराते नजर आए। हालांकि तहसीलदार एवं पुलिस की समझाईस के बाद घंटे भर चला चक्काजाम आंदोलन समाप्त हुआ है।
बाजार में कैसे बिक रही महंगी खाद
किसानों का आरोप है कि खाद गोदाम में किसानों को खाद नहीं मिल रही है जबकि बाजार में महंगे दर में खाद कैसे बिक रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा पूरी छूट दी जा रही है। जिस वजह से किसानों को दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के ढुलमुल रवैया की वजह से किसान आंदोलित होने को मजबूर हुए।
पुलिस की उपस्थिति में वितरित होगी खाद : एसडीएम
इस मामले में एसडीएम सिहावल प्रिया पाठक ने कहा कि पूरे प्रदेश की यही व्यवस्था है, किसान खाद लेने के लिए अधिक संख्या में गोदाम में पहुंच रहे हैं, जिससे समस्या बढ़ रही है फिर भी हमने लगातार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है और पुलिस विभाग को भी सूचना दी है। सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और खाद के लिए हम लगातार नजर बनाए हुए हैं। आगामी दिनों में पुलिस की उपस्थिति में खाद वितरण की व्यवस्था कराई जाएगी। जिससे किसी प्रकार के विवाद की स्थिति निर्मित न हो और किसानों को समय पर खाद मिल सके।
किसानों के हित की बात पर सत्ताधारी दल के लोग क्यों मौन रहते हैं ?
जिले के सत्ताधारी दल के लोग जो बात-बात पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बिहार में दिए गए बयानों को देख सुन लेते हैं और उसके विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए देखे जाते हैं पर वहीं दूसरी ओर क्या इसी सत्ताधारी दल के लोगों को अपने सीधी जिले के किसानों से जुड़े इस खाद के मुद्दे पर कुछ भी दिखाई सुनाई नहीं देता और वो अपनी पूरी तरह आंख, कान, मुंह बंद किए हुए हैं तथा इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।













