सोन नदी प्रतिबंधित क्षेत्र में रेत की चोरी-पुलिस–घड़ियाल चौकी की साठगांठ से रेत माफियाओं का हौसला बुलंद…

सोन नदी प्रतिबंधित क्षेत्र में रेत की चोरी-पुलिस–घड़ियाल चौकी की साठगांठ से रेत माफियाओं का हौसला बुलंद…
सीधी/सिहावल। सोन नदी का सीना चीरकर रेत माफिया बेखौफ होकर व्यापार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और घड़ियाल चौकी की मिलीभगत से यह गोरख धंधा धड़ल्ले से रात दिन चल रहा है। मोटरसाइकिलों के जरिये रेत चोरी का नया हथकंडा अपनाया जा रहा है—जहां एक माफिया दर्जनों बाइकें रखकर नवालिक बच्चों से दिन-रात रेत चोरी करवाईं जा रहीं।

“यहां से निकल जाती है रेत”
लिलवार, रामपुर,बमुरी, केतकिन, गेरूआ, मेढ़ौली और बघोर जैसे गांवों में छोटे–छोटे माफिया नेटवर्क बनाकर रेत को जिले से लेकर उत्तर प्रदेश तक सप्लाई कर रहे हैं। इस अवैध उत्खनन से सोन नदी की पारिस्थिति बिगड़ रही है और घड़ियालों का अस्तित्व संकट में होता जा रहा है।
वही सोन घड़ियाल में नियुक्त चौकीदार बीट प्रभारियों के आंख में धूल झोंककर मोटर साइकिल रेत माफियाओं की पहरेदारी करते हैं और मोटी रकम वसूल रहे हैं।
इसके पूर्व कई बार सोन नदी में घड़ियालों की मृत्यु होने का मामला सामने आया पर कुछ घंटे तक ही सीमित रह जाता है इसके बाद धड़ल्ले से रेत का कारोबार चालू कर दिया जाता है।
वहीं पुलिस की भी संलिप्तता नजर आ रही है जरा सोचें यदि गलती से आप चेकिंग में पड़ गए और हेलमेट नहीं है तो अनेकों सवाल पुलिस के द्वारा किया जाता है। लेकिन यहां नाबालिक बच्चे तीन से चार बोरियां मोटरसाइकिल में लोड कर तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं। परंतु गांधी ब्रांड के आगे कोई देखने वाला नही हैं।
इसके पहले मोटरसाइकिल से रेत चोरी करने वाले यही नाबालिक बच्चों के द्वारा कई लोगों के साथ एक्सीडेंट करने का भी मामला सामने आया फिर भी सब यहा पर कमीशनखोरी में मदमस्त है और कार्यवाही करनें से परहेज़ करते हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश—वे कहते हैं, “नदी में घड़ियाल मर रहे है, और माफिया तरक्की कर रहे हैं।”
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिनौती के पमरिया गांव में तो माफियाओं के द्वारा विरोध करने वालों को कुचल देने की धमकी तक दी गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले सिहावल पुलिस के साथ सार्वजनिक जगह पर मारपीट करने का भी मामला सामने आया और वीडियो भी उसका बनाया गया परंतु पुलिस के द्वारा उसे भी दबा दिया गया, अपराधियों का हौसला हुआ बुलंद।
जब रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं तब न्याय की उम्मीद किससे की जाए
और कैसे मिलेगी न्याय ग्रामीणों ने जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक से आग्रह करते हुए भ्रष्ट कर्मचारियो पर लगाम लगाने की उम्मीद जता रहीं हैं। देखना दिलचस्प होगा कि खबर प्रशासन के बाद क्या कार्यवाही की जाती है, या यूं ही चलता रहेगा पूरा खेल।
!! सिंहावल से राजबहोर केवट की रिपोर्ट !!













