कृष्ण मृगों की संख्या में वृद्धि से बगदरा अभयारण्य हुआ संजीवित…

कृष्ण मृगों की संख्या में वृद्धि से बगदरा अभयारण्य हुआ संजीवित…
सुबह की गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने दर्ज की सात कृष्ण मृगों की दुर्लभ उपस्थिति…
सीधी पोल खोल
क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व अमित कुमार दुबे ने जानकारी दी कि बगदरा वन्यजीव अभयारण्य, मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं एवं आसपास के मैदानों में विस्तृत एक समृद्ध वन क्षेत्र है। अभयारण्य का कुल क्षेत्रफल 478 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 231.05 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वनाच्छादित है। इसकी सीमाएँ उत्तर में उत्तर प्रदेश के कैमूर वन्यजीव अभयारण्य से और दक्षिण में सोन नदी से मिलती हैं, जबकि बेलन नदी उत्तरी सीमा से बहते हुए अभयारण्य की भौगोलिक संरचना को विशिष्ट बनाती है।
अभयारण्य में कृष्ण मृगों (ब्लैकबक) की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में 17 नवंबर 25 को बगदरा परिक्षेत्र की बरगवां बीट अंतर्गत कक्ष पी-59 में सुबह लगभग 7:29 बजे वन विभाग की गश्त टीम ने कृष्ण मृगों के एक सुंदर समूह को कैमरे में कैद किया। इस समूह में लगभग 7 मृग शामिल थे, जिनमें मादा और उप-वयस्क अधिक संख्या में दिखाई दिए। यह उपस्थिति कृषि/परती भूमि के समीप दर्ज की गई, जहाँ यह समूह झाड़ीदार क्षेत्र की ओर शांतिपूर्वक बढ़ता नजर आया।
वन विभाग ने बताया कि बगदरा अभयारण्य कृष्ण मृगों का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है, परंतु कृषि क्षेत्रों के निकट होने के कारण कई बार मानवदृवन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इस स्थिति को रोकने के लिए विभाग ने क्षेत्र में नियमित गश्त, झाड़ीदार आवरण की सुरक्षा तथा समीपस्थ किसानों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अभयारण्य में कृष्ण मृगों के संरक्षण एवं उनके आवास के विकास हेतु एक विस्तृत प्रबंधन योजना भी लागू की जा रही है।
कृष्ण मृगों की यह ताज़ा उपस्थिति बगदरा अभयारण्य में बढ़ती जैव-विविधता और वन क्षेत्र की स्वस्थ परिस्थितियों का सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।













