सीधी

प्रभारी मंत्री व सांसद के आदेश पर भी नहीं हुई जांच,जिला पंचायत सीईओ मामले को लेकर गंभीर नहीं…

प्रभारी मंत्री व सांसद के आदेश पर भी नहीं हुई जांच,जिला पंचायत सीईओ मामले को लेकर गंभीर नहीं…

संजय सिंह मझौली सीधी

जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत छुही का मामला प्रकाश में आया है जहां लगभग आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीण हितग्राहियों द्वारा बताया गया एवं आरोप लगाया गया कि हम लोगों के द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई,सीईओ जिला पंचायत,सीईओ जनपद पंचायत में तथात्मक शिकायत पेश किया था जिनमें कई हितग्राहियों के खेत तालाब योजना के नाम पर 15 लाख 72895 फर्जी मस्टर रोल के जरिए ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव अनुपम नापित के द्वारा राशि आहरण करने का आरोप लगाते हुए अन्य बिंदुओं में जैसे जन मन योजना में बैगा परिवारों से आवास योजना के नाम पर मोटी रकम अवैधानिक तरीका से वसूलने एवं आवास की मजदूरी हड़फने का आरोप संबंधित शिकायत पत्र सामूहिक रूप से दिया गया था थे लेकिन जब उसमें जांच कार्यवाही नहीं हुई तो उन लोगों के द्वारा जिले के प्रभारी मंत्री एवं सीधी सांसद डॉ राजेश मिश्रा को शिकायती पत्र दिया गया था जिसे गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री द्वारा एवं सांसद द्वारा शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए निर्देश दिए
गए थे। लेकिन उनके निर्देश के तीन मांह बीत जाने के बावजूद जांच नहीं हुई।

 

कार्यालय जिला पंचायत ने जारी किया था पत्र
कार्यालय जिला पंचायत सीधी के पत्र क्रमांक 11505/जि पं/ प्रकोष्ठ 2025 दिनांक01.10. 2025 के तहत कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी विभाग सीधी को तीन दिवस में जांच प्रतिवेदन देने को आदेश जारी कर महज खानापूर्ति की गई।साढ़े तीन मांह बीत जाने के बाबजूद सीईओ जिला पंचायत के द्वारा यह जानने की कोशिश की गई की उनके आदेश का पालन हुआ कि नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचायत के जिम्मेदार प्रभारी मंत्री एवं संसद के पत्र को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

आचार संहिता में कराया जेसीबी से काम
ग्रामीणों के मुताबिक प्रभारी सचिव अनुपम नापित द्वारा हितग्राही देवभान साकेत एवं भैया लाल साकेत के खेत तालाब के नाम पर बिना काम कराए ही लगभग 3 लाख 22 हजार रुपए फर्जी मस्टर रोल के जरिए आहरण किया गया है जिसकी शिकायत होने पर अभी ग्राम पंचायत में सरपंच के निर्वाचन को लेकर आचार संहिता लगी है फिर भी जेसीबी मशीन से उनके खेत में जहां फसल खड़ी थी उसे नष्ट कर खुदाई कराई गई है।

फर्जीवाड़ा के कारण प्रभारी सचिव की संविदा हो गई थी समाप्त
ग्रामीणों के मुताबिक प्रभारी सचिव अनुपम नापित का मूल पद ग्राम रोजगार सहायक है। इसके खिलाफ पूर्व में ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई थी और फर्जीवाड़ा एवं वित्तीय अनियमितता, पद का दुरुपयोग साबित होने पर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी लेकिन कुछ दिन बाद उच्च न्यायालय के स्थगन पर काम कर रहा है इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।

इनका कहना
हम लोगों द्वारा द्वारा जिम्मेदार विभाग के साथ क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम के पास भी तीन बार शिकायत करने गए थे। तमाम शिकायत करने के बाद जांच नहीं हुई तो प्रभारी मंत्री एवं सांसद सीधी एवं के पास शिकायत किए थे जिनके आदेश पर भी 3 माह बीत गए जांच नहीं हो रही है लगता है प्रभारी सचिव अनुपम नापित सब पर भारी है।
ललन सिंह गोंड ग्रामीण


हमारे नाम पर खेत तालाब स्वीकृत कर सवा लाख रुपए प्रभारी सचिव अनुपम नापित के द्वारा फर्जी मस्टर रोल के जरिए आहरण किया गया है जबकि जेसीबी से मात्र 5 घंटे काम कराया गया है।शिकायत करने पर वह धमकी देता है कि किसी योजना का लाभ नहीं देंगे। मामले की जांच होनी चाहिए।
राज करण सिंह गोंड ग्रामीण

ग्राम पंचायत छुही की शिकायत हुई है मेरे द्वारा जांच के निर्देश भी दिए गए हैं लेकिन कतिपय कारण से जांच में देरी हुई है। मनरेगा बी एम एवं सरिता मैडम को टीम के साथ जांच करने को आदेशित किया गया है उसमें निष्पक्ष जांच होगी।
धनंजय मिश्रा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी

Author

  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

पोल खोल पोस्ट

सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Back to top button