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4,736 किसानों ने की उपार्जन केंद्रों में बिक्री,1,97,772 क्विंटल से ज्यादा धान परिवहन के लिए तैयार…

4,736 किसानों ने की उपार्जन केंद्रों में बिक्री,1,97,772 क्विंटल से ज्यादा धान परिवहन के लिए तैयार…

सीधी पोल खोल पोस्ट

जिले के पंजीकृत 30,679 किसानों में से अब तक 4,736 किसान अपने उपार्जन केंद्रों में धान की बिक्री कर चुके हैं। उपार्जन केंद्रों में अभी तक 283510.15 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों से हुई खरीदी के बाद परिवहन के लिए उपार्जन केंद्रों में 1,97,772.75 क्विंटल धान तैयार है।
सीधी जिले में धान की बिक्री के लिए अभी तक 23,266 किसानों द्वारा स्लॉट की बुकिंग की गई है। स्लॉट बुकिंग के बाद संबंधित किसानों को उपार्जन केंद्र एवं बिक्री के लिए तिथि का मैसेज मोबाइल पर मिलने पर वह अपनी फसल को उपार्जन केंद्र लेकर जाएंगे। उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिससे किसानों के धान बिक्री के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि उपार्जन केंद्रों में गुणवत्ता युक्त धान की खरीदी की जाए। इसी वजह से उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी के पूर्व मशीन से जांच कर यह पता लगाया जाता है कि धान की गुणवत्ता की स्थिति क्या है। भूसी के अंदर मौजूद चावल सही गुणवत्ता में उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा मशीन के माध्यम से यह भी मालूम पड़ता है कि धान सूखी हालत में है या फिर गीली। धान की जांच के बाद यदि उसकी गुणवत्ता खरीदी के लिए उपयुक्त है तो किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं होती। यदि जांच के दौरान कमी नजर आती है उसी दौरान खरीदी के लिए मनाही कर दी जाती है।

जानकारों के अनुसार जांच के दौरान धान की गुणवत्ता ठीक न मिलने पर विचौलियों के माध्यम से सौदेबाजी भी शुरू हो जाती है। यदि किसान मांगी गई आवश्यक सुविधा शुल्क देने के लिए तैयार हैं तो कमी होने के बाद भी खरीदी के लिए पास कर दी जाती है। यदि धान में कमी है तो उसी दौरान कुछ उपार्जन केंद्रों में कहासुनी भी होने लगती है। उपार्जन केंद्र के प्रभारियों द्वारा इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।

 

उपार्जन केंद्रों से जल्द शुरू होगा परिवहन

सीधी जिले के उपार्जन केंद्रों में किसानों से लगातार धान की खरीदी का कार्य चल रहा है। दिन प्रतिदिन किसानों की संख्या उपार्जन केंद्रों में धान की बिक्री के लिए बढऩे लगी है। वर्तमान में उपार्जन केंद्रों में परिवहन के लिए 1,97,772.75 क्विंटल धान तैयार हालत में है।
बताया गया है कि आरंभ में उपार्जन केंद्रों से मिलर्स के माध्यम से धान का परिवहन किया जाएगा। जिससे मिलर्स उठाव किए गए धान की दराई करने के पश्चात जल्द से जल्द उसको गोदामों में भंंडारित करा सकें। धान की दराई का कार्य आरंभ में ही हो जाने से गोदामों में जगह की कमी की समस्या कम हो जाती है। इसी वजह से शासन द्वारा आरंभ में मिलर्स के माध्यम से ही धान की खरीदी शुरू की जाती है। बाद में उपार्जन केंद्रों में जो धान बचती है उसको अंतिम समय में बारिश से बचाने के लिए नजदीकी गोदामों में भंडारित करा दी जाती है। इसी व्यवस्था के तहत वर्तमान में उपार्जन केंद्रों में परिवहन के लिए धान की बोरियों को तैयार किया गया है। जिससे मिलर्स इनका उठाव कर सकें।

 

सीधी जिले में अभी उपार्जन केंद्रों से गोदामों के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं बनाई गई है। यह माना जा रहा है कि जल्द ही इसके लिए भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर परिवहन की व्यवस्था बना ली जाएगी।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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