मोदी का कांग्रेस पर तीखा वार
बोले— SIR लोकतंत्र को शुद्ध करने की प्रक्रिया, घुसपैठियों को बचाने में जुटी कांग्रेस

गुवाहाटी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। जनसभा में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का मकसद लोकतंत्र को शुद्ध करना है, ताकि घुसपैठिए चुनावी प्रक्रिया से बाहर रहें। लेकिन कांग्रेस इसका विरोध कर ऐसे लोगों को संरक्षण देने की कोशिश कर रही है। मोदी ने इसे सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और असम की पहचान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
वोट बैंक के लिए बाधा डालने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है, मगर कुछ दल वोट बैंक की राजनीति के चलते इन प्रयासों में रोड़े अटका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में दशकों तक असम और पूर्वोत्तर विकास से वंचित रहे, जिससे हिंसा और अस्थिरता बढ़ी। बीते 10–11 वर्षों में हालात बदले हैं और पहले हिंसा प्रभावित जिले अब आकांक्षी जिलों के रूप में उभर रहे हैं।
SIR पर सियासी घमासान
मोदी ने साफ कहा कि SIR का उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में वही लोग शामिल हों जिनका देश और राज्य से वैध संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ दलों का विरोध इसलिए है क्योंकि इससे उनका वोट बैंक प्रभावित होगा।
4,000 करोड़ का एयरपोर्ट टर्मिनल उद्घाटन
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 1.31 करोड़ यात्रियों की है, जिससे पूरे पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
हिमंत सरकार की तारीफ, इतिहास का जिक्र
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने घुसपैठ के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। साथ ही असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद की कांग्रेस सरकारें उनके आदर्शों से भटक गईं।
युवाओं से संवाद और शहीदों को श्रद्धांजलि
दो दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री स्वाहिद स्मारक जाकर असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे और ब्रह्मपुत्र क्रूज ‘चराईदेव’ पर ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तहत छात्रों से संवाद करेंगे।













