सीधी

दुष्‍कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा…

दुष्‍कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा…

सीधी: बताया गया कि दिनांक 15.05.2018 को अवयस्क अभियोक्त्री मुन्ना केवट के घर करीबन 07:00 बजे टी.व्ही. देखने गई थी। टी.व्ही. देखने के बाद, रात करीबन 10:00 बजे अभियोक्त्री वापस अपने घर जा रही थी तब चिंतामणि केवट बाहर आया और अभियोक्त्री से रात 02:00 बजे छोटेलाल उर्फ प्रेमलाल केवट के खाली घर में आने के लिए कहना लगा तब अभियोक्त्री ने उससे पूछा कि क्यों आना है? तो चिन्तामणि ने कहा कि आने पर बतायेगा। अभियोक्त्री रात में 02:00 बजे छोटेलाल उर्फ प्रेमलाल केवट के खाली घर के पास गई वहां चिन्तामणि केवट एवं रवि केवट उसे जबरदस्ती प्रेमलाल के घर के अंदर ले गये और दरवाजा बन्द कर लिया और रवि केवट ने बाहर से सकरी चढ़ा दिया फिर चिंतामणि केवट ने अभियोक्त्री को जबरदस्ती जमीन पर पटक कर उसके पहने हुए कपड़े उतार कर उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किया। अभियोक्त्री चिल्लाने लगी तो आरोपी चिन्तामणि उसे जान से मारने की धमकी देना लगा तथा रात में उसी कमरे में रोककर रखा।

 

 

सुबह करीबन 07:00 बजे जब प्रेमलाल के लड़के रवि केवट ने कमरे का दरवाजा खोला तब अभियोक्त्री घर से बाहर आई तो उस समय उसके बड़े भाई ने उसे बाहर आते हुए देखा और उसके पास आकर पूछा कि वह रातभर कहां थी तब अभियोक्त्री ने उसके भाई को चिन्तामणि द्वारा गलत काम (बलात्कार) करने की बात बतायी थी। अभियोक्त्री के भाई को देखकर चिन्तामणि केवट भाग गया था तथा रवि केवट अपनी दादी के घर चला गया था फिर अभियोक्त्री ने घर आकर घटना की बात उसकी माँ एवं भाभी को बतायी थी फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी।

 

 

अभियोक्त्री की उक्त रिपोर्ट पर थाना सीधी कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 531/2018 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 376, 376(2)(आई), 342, 506 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 3, 4 एवं एससी/एसटी एक्‍ट की धारा 3(1)(बी), 3(2)(v) के अंतर्गत पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं मामला विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना पश्‍चात् अभियोग पत्र तैयार कर माननीय विशेष न्‍यायालय पॉक्‍सो एक्‍ट सीधी में प्रस्तुत किया गया। जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 53/2018 में शासन की ओर से सशक्‍त पैरवी करते हुए सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रशान्‍त कुमार पाण्‍डेय एवं श्रीमती पूजा गोस्‍वामी के द्वारा अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्‍वरूप माननीय न्‍यायालय विशेष न्‍यायाधीश, पॉक्‍सो एक्‍ट सीधी के द्वारा अभियुक्‍त चिन्‍तामणि केवट तनय बीरन केवट उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम छोटा टीकट, थाना चुरहट, जिला सीधी को धारा 342, 376(3) भादवि एवं 3(2)(v), 3(1)(w)(i) एससी/एसटी एक्‍ट में दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास तथा कुल 25,000/- रूपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की संपूर्ण राशि 25,000/-रूपये अभियोक्त्री को अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किये जाने का आदेश पारित किया गया। इसके अतिरिक्‍त जाये। इसके अतिरिक्‍त अभियोक्त्री को 50,000/- प्रतिकर के रूप में अदा किये जाने के परिप्रेक्ष्य में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला सीधी म.प्र. को पत्र सहित निर्णय की प्रति प्रेषित की गई।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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