किसके इशारे पर किया गया छत्रसाल स्टेडियम के चबूतरे को रातोंरात नेस्तनाबूद ?

किसके इशारे पर किया गया छत्रसाल स्टेडियम के चबूतरे को रातोंरात नेस्तनाबूद ?
चबूतरा तोडऩे के पीछे की साजिश को रहस्य बनाने का प्रयास
फुटबाल पोल को भी उखाड़ा गया

सीधी
सीधी शहर इन दिनों अपनी विशेषताओं के बजाय गलत तरीके से नियम तोड़ने के मामले को लेकर सुर्खियों में है।
नियम कानून की धज्जियां उड़ रही हैं और प्रशासन अपनी आंखों को मूंदकर यहां-वहां दूसरों के सिर पर जिम्मेवारियां लादने के प्रयास में है।
ऐसा ही एक गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक असफलता का नजारा बीते कल देखने को मिला जहां सीधी शहर के मध्य में स्थित छत्रसाल स्टेडियम में मेंन स्टेज के नीचे बने बडे चबूतरे को पूरी तरह जड़ से खनकर के पूरे चबूतरे को तोड़कर हटा दिया गया और उसे मैदान में तब्दील कर दिया गया, इसके साथ ही फुटबॉल स्टेडियम में फुटबॉल के लिए ही लगाए गए गोल पोस्ट को भी उखाड़ कर धाराशायी कर दिया गया।
क्या है मामला ?
बताया गया है कि शहर के छत्रसाल स्टेडियम में एक भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होना है। जिसमें देश-विदेश सहित कई खिलाड़ी यहां शिरकत करेंगे।
इस टूर्नामेंट के आयोजक सीधी जिले के सत्ताधारी भाजपा के राजनीतिक परिवार के लोग भी हैं, और आरोप है कि इस क्रिकेट टूर्नामेंट में मंच के नीचे का बना चबूतरा और फुटबॉल का गोल पोस्ट बाधक साबित हो रहा था जो कहीं ना कहीं राजनीतिक प्रभाव के लोगों की सहमति और इशारे के कारण उसे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के मनमानी तरीके से हटा दिया गया।
इस मनमर्जी तरीके से स्टेडियम में बनी सुविधाओं के साथ छेड़छाड़ को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर अब शुरू हो गया है। किसके सह पर यह सब हुआ जिम्मेदार जवाब देने से कतराते नजर आ रहे हैं।
खिलाड़ियों एवं आम लोगों में दिखा आक्रोश
पूरे मामले में देखा जाए तो स्टेडियम में बीते शनिवार और रविवार की दरमियांनी रात को चबूतरा तोडऩे एवं फुटबाल पोल उखाडऩे की जैसे ही जानकारी मिली उसके बाद सुबह वहां लोगों का तांता लग गया। आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। ये सब किसके इशारे पर हुआ और इसका दोषी कौन है ये अब रहस्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है है। इस चबूतरे को तोड़े जाने और फुटबॉल के गोल पोस्ट को गिराए जाने के मामले में किसके इशारे पर यह सब हुआ यह बात ऑफ द रिकॉर्ड सबको पता चल चुकी है परंतु प्रशासनिक स्तर पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है जबकि खिलाड़ियों में बेहद आक्रोश है।
26 जनवरी और दशहरे में इस चबूतरे का अहम रोल
आगामी 26 जनवरी को सीधी शहर के छत्रसाल स्टेडियम में होने वाले गणतंत्र दिवस के तैयारी को अब एक माह भी नहीं बचा है बावजूद इसके स्टेडियम में स्टेज के नीचे बने बड़े चबूतरे को जिस पर बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रम और दशहरा के भी कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं उसे बिना प्रशासनिक अनुमति के तोड़कर हटा देना आगामी गणतंत्र दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक बड़ी सुविधा का छिन जाना है।

बिना अनुमति कैसे तोड़ा गया चबूतरा: ज्ञान
इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि बिना अनुमति चबूतरा तोडऩे की घटना आश्चर्यजनक एवं निंदनीय है। प्रशासन को इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, जो जांच का विषय है। उन्होने कहा कि सीसीटीव्ही फुुटेज के आधार पर इसका खुलासा हो सकता है। एक जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसके पीछे किसका षडयंत्र है प्रशासन को तत्काल इस मामले का खुलासा करना चाहिए।

हमें अभी तक नहीं मिली है जानकारी: देवकुमार
इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष देवकुमार सिंह ने कहा कि हमें इस मामले में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। हम संगठन के काम में व्यस्त रहते हैं। मैं पता लगाता हूं कि यह कैसा मामला है जिसमें चबूतरा तोड़ा गया है इसके बाद ही जानकारी दे पाऊंगा।
सीएमओ के आदेश के बिना कैसे टूट गया चबूतरा
इस मामले में महत्वपूर्ण बिंदु ये है कि सीएमओ नगर पालिका मिनी अग्रवाल का कोई आदेश नहीं जारी हुआ। छत्रसाल स्टेडियम का चबूतरा टूट गया एवं फुटबाल के पोल को उखाड़ दिया गया ये बिना आदेश कैसे हुआ ये समझ से परे है। आरोप-प्रत्यारोप तो लग ही गए हैं लेकिन इस मामले में मिनी अग्रवाल से बात करना चाहा तो उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। ऐसे में क्या सच्चाई है यह तो जांच का विषय बना हुआ है।













