नहर टूट जाने से सैकड़ो एकड़ खेत सिंचाई से वंचित,6वर्ष बीत जाने बाद भी नहीं बन पाई कोडार बांध की नहर…

नहर टूट जाने से सैकड़ो एकड़ खेत सिंचाई से वंचित,6वर्ष बीत जाने बाद भी नहीं बन पाई कोडार बांध की नहर…
अमित श्रीवास्तव कुसमी पोल खोल।
सीधी जिले का आदिवासी अंचल का ब्लॉक कहे जाने वाला कुसमी ब्लाक की सिंचाई व्यवस्था पटरी से बाहर होते आप देख सकते हैं। यहां पर कई तरह के काम बांध एवं नहरों के लिये भले ही सिंचाई विभाग एवं अन्य विभागों के द्वारा कर दिए जाएं लेकिन प्रमुख समस्या पर कोई पहल किसी विभाग के द्वारा नहीं की जाती है जिससे किसानों की समस्या अनवरत बनी रहती है।
कुछ इस तरह का हाल कुसमी जनपद पंचायत के कोडार बांध के नहर का देखा गया है जहां बांध की नहर तीन जगह से टूट चुकी है। और बताया जा रहा है कि करीब 6 वर्ष हो चुके हैं और नहर का मरम्मतीकरण सिंचाई विभाग के द्वारा नहीं कराया गया है।
नहर टूट जाने से बांध का पानी व्यर्थ में पानी किसानों के कुछ खेतों को खराब करते हुये बहता हुआ नाले मे बह जाता है।
और कुछ किसानों के खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है।जिससे सैकड़ो किसान परेशान है,और किसानों ने चिंता जाहिर की है एवं आने वाले गेहूं की बुवाई वो कैसे कर पायेगे।
इस समस्या को लेकर कई बार शासन प्रशासन को किसानों ने आवेदन देकर अवगत भी कराया लेकिन उनका निदान नहीं हो पाया है। और समस्या यथावत 6 वर्षों से बनी हुई है।
इनका कहना है।
कोडार बांध की नहर करीब 6 वर्षों से टूट कर पडी हुती है हम लोग किसी तरह से धान की बुवाई तो कर पाते हैं लेकिन गेहूं की बुवाई हम लोगों की बिल्कुल ही नहीं हो पाती है।
किसान रामराज सिंह कोडार।
2- नहर 6 वर्षों से टूटी हुई है हम लोग कई बार शिकायत भी किये लेकिन नहर आज तक नहीं बनी और हम लोग इस समस्या से 6बर्षो से परेशान है खेती बिल्कुल नहीं कर पाते।
किसान प्रदीप पनिका ग्राम कोडार
3-धान के सीजन पर हमारे खेतो में पानी भर जाता है और पूरी धान जिलक जाती है एवं गेहूं की बुवाई भी हम लोग पानी के कारण ही नहीं कर पाते हैं।
किसान-दिनेश पनाड़ियां।













