शीतलहर की हवाओं ने बढ़ाई गलन भरी ठिठुरन,9 डिग्री तक गिरा पारा…

शीतलहर की हवाओं ने बढ़ाई गलन भरी ठिठुरन,9 डिग्री तक गिरा पारा…
सीधी पोल खोल पोस्ट
बीते हफ्ते से जिले भर में शीत लहर के तेज होने से गलन भरी ठिठुरन का तीव्र एहसास अब होने लगा है, लोग शाम होते ही अपने-अपने घरों में दुबक जाते हैं।
शीतलहर की ठंडी हवाओं की वजह से हाड़ कंपाने वाली गलन भरी ठंड शुरू हो चुकी है। न्यूनतम तापमान में भी लगातार गिरावट हो रही है। कल शुक्रवार को 9 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन में सूर्यदेव के दर्शन होने से कुछ मिल रही राहत
दरअसल उत्तर भारत से आ रही शर्द हवाओं के कारण लगातार मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है। ठंड हवाओं की वजह से तापमान में गिरावट देखी जा रही है। लोग गलन भरी ठंड से काफी परेशान हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे प्रदेश में कई जगहों में गलन का प्रकोप और भी अधिक दिखने की संभावना है।
वर्तमान में तीन दिनों से स्थिति यह है कि घर के अंदर गलन भरी ठंड से बचने के लिए लोग दिन के समय घर के बाहर ही धूप का लुत्फ उठाते हुए गुजारते रहे। ये अवश्य है कि शाम ढलते ही गलन भरी ठंड के चलते लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं। दोपहर में कुछ घंटे तेज धूप खिलने के कारण लोगों को ठिठुरन भरी गलन से बड़ी राहत मिल रही है।
स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का टाइम टेबल बदलने की मांग
इस ठिठुरन भरी ठंड को लेकर सबसे ज्यादा समस्याएं छात्र-छात्राओं की होने वाली हैं। जिला प्रशासन को हर वर्ष की तरह कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए समय सारणी में परिवर्तन करने की आवश्यकता है, जिससे बच्चों को सुबह स्कूल जाने के लिए जल्द उठने और तैयार होने की समस्या में राहत मिल सके। स्कूल जाने के बाद भी उन्हे धूप का कोई लुत्फ उठाने का अवसर नहीं मिलता। क्योंकि कक्षाओं के अंदर ही पूरी दोपहर गुजर रही है। ऐसे में कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी काफी चिंतित नजर आए।
चर्चा के दौरान कई अभिभावकों ने कहा कि कड़ाके की ठंड पडने के कारण बच्चों को ठंड लगने का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूलों में कमरे के अंदर क्लासों का संचालन होने के कारण छोटे बच्चे पूरा दिन गलन भरी ठंड में ही कैद रहेंगे। जिसके चलते उन्हे ठंड लगने का भय सबसे ज्यादा बना हुआ है।
जगह-जगह दिखने लगे अलाव
भीषण ठंड के प्रारंभ होने के बाद अब पूरे जिले भर में हर जगह जलते हुए अलाव दिन ढलते ही या फिर आल सुबह जलते हुए देखे जाने लगे हैं। लोग अपने घरों के बाहर मजबूरी में निकलने पर इन अलाव के सहारे ही सर्दी से कुछ पल की राहत महसूस करते हैं।













