मध्य प्रदेशसिंगरौली

कांग्रेस पार्षदों का महापौर रानी अग्रवाल पर तीखा हमला, कहा- कार्यकाल पूरी तरह विफल

सिंगरौली-सिंगरौली नगर निगम की राजनीति में एक नया मोड़ आया जब कांग्रेस पार्षदों ने महापौर रानी अग्रवाल के कार्यकाल को पूरी तरह विफल करार दिया। कांग्रेस के पार्षदों अखिलेश सिंह, शेखर सिंह, रामगोपाल पाल, बंतो कौर और रविंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महापौर के तीन साल के कार्यकाल की कड़ी आलोचना की।

कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि महापौर रानी अग्रवाल के कार्यकाल में नगर निगम सिंगरौली में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ है। उनके अनुसार, महापौर के कार्यकाल के दौरान शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका और निगम प्रशासन पूरी तरह अव्यवस्था में डूब गया है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि महापौर और उनके पति ने लगातार राजनीतिक हथकंडे अपनाए और कांग्रेस पार्षदों को तोड़ने की कोशिश की, साथ ही भाजपा समर्थित पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य कराए, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों को नजरअंदाज किया गया।कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम में लोकतंत्र की हत्या होने का आरोप भी लगाया और कहा कि सत्ता का इस्तेमाल केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महापौर की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

साथ ही, पार्षदों ने सड़कों के निर्माण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए, जिसमें कहा गया कि बिना उचित योजना के सड़कों का निर्माण किया गया, जिससे पूरे नगर निगम क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई। कई जगहों पर सड़कों के निर्माण में नालियां नहीं बनाई गईं, तो कुछ जगहों पर नालियां बनाकर सड़कों को उखाड़ दिया गया।
इस मुद्दे पर पार्षद शेखर सिंह का बयान विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि अध्यक्ष देवेश पांडेय के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को वापस लेना कोई रणनीति नहीं, बल्कि मजबूरी थी। उनके अनुसार, महापौर द्वारा तय की गई शर्तें स्वीकार्य नहीं थीं, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।यह घटनाक्रम सिंगरौली नगर निगम की राजनीति में हलचल का कारण बन गया है और आने वाले समय में और भी विवाद उठ सकते हैं।

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