देश विदेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिराग पासवान का भरोसा, जेडीयू ने कांग्रेस और विपक्ष पर साधा निशाना

पटना। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरोसा जताया है कि सरकार जल्द ही इस समझौते से जुड़े सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर देगी। वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है।

आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वाणिज्य मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि समझौते से जुड़े सभी पहलुओं की जल्द जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के दौरान साझा बयान जारी किए जाते हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी जल्द सामने आएगी।

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और भारत-अमेरिका परमाणु समझौता हुआ था, तब देश की संप्रभुता और जानकारी साझा करने को लेकर कांग्रेस खुद सवालों के घेरे में आई थी। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस को अमेरिका के साथ हुई डील उचित लग रही थी, लेकिन अब वर्तमान समझौते में उन्हें कमियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और कांग्रेस को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए, जहां सरकार जवाब देने के लिए तैयार है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के मुद्दे पर नीरज कुमार ने कहा कि वह सांसद होने के बावजूद फरार थे और उनके खिलाफ कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। उन्होंने इसे न्यायपालिका की प्रक्रिया से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि अदालत द्वारा उन्हें फरार घोषित किया गया था और उनके खिलाफ वारंट तथा कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को नीट छात्रा विवाद से जोड़ना न्यायपालिका का अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि गिरफ्तारी को नीट मामले से जोड़ा जा रहा है, तो इस बात को जमानत याचिका में भी उल्लेख किया जाना चाहिए।

प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि उनकी राजनीतिक भूमिका अब समाप्त हो चुकी है और राज्य में उन्हें रणनीतिकार के रूप में कोई स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाने की बातें करने वाले प्रशांत किशोर एक भी विधायक नहीं बनवा पाए। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे, लेकिन उन्हें जनता का समर्थन मिलना मुश्किल है।

Author

Related Articles

Back to top button