एयरपोर्ट बना जिंदगी का गवाह: मुंबई एयरपोर्ट की एंबुलेंस में विदेशी महिला ने दिया बच्ची को जन्म

सिंगरौली- छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार तड़के एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक घटनाक्रम सामने आया, जिसने एयरपोर्ट को यात्राओं के साथ-साथ जीवन की नई शुरुआत का भी गवाह बना दिया। तंज़ानिया की एक विदेशी महिला यात्री ने अस्पताल ले जाते समय एयरपोर्ट की एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। एयरपोर्ट मेडिकल टीम की तत्परता और सूझबूझ से मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह करीब 5:17 बजे की है। इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया में मौजूद 26 वर्षीय गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की मेडिकल टीम महज तीन मिनट में मौके पर पहुंच गई। जांच में महिला की स्थिति गंभीर पाई गई और तुरंत अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया।
एयरलाइन मेडिकल स्टाफ, लोडर्स और इमिग्रेशन अधिकारियों के सहयोग से महिला को स्ट्रेचर के जरिए एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। सुबह करीब 5:40 बजे एंबुलेंस अस्पताल के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही प्रसव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए मेडिकल टीम ने एंबुलेंस के अंदर ही सुरक्षित डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी। सुबह करीब 5:45 बजे महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
इस दौरान डॉक्टर कृतिका, डॉक्टर मधु और डॉक्टर किसलय के साथ पैरामेडिक्स माधुरी और अशोक तथा एंबुलेंस चालक ओमकार मौजूद रहे। टीम ने नवजात को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी। बच्ची के जन्म के बाद उसके रोने की आवाज ने सभी को राहत दी। मेडिकल टीम ने सुरक्षित तरीके से गर्भनाल क्लैम्प कर मां और बच्ची के बीच स्किन टू स्किन केयर भी शुरू कराई।
इसके बाद मां और नवजात को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आगे की देखभाल की। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह घटना आपात स्थिति में मेडिकल टीम की ट्रेनिंग, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।











