पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से राहत, सबूतों के अभाव में बरी

चंडीगढ़। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर अपील स्वीकार करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। अदालत का यह फैसला सीबीआई के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि इस मामले में राहत मिलने के बावजूद राम रहीम फिलहाल जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं।
हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में अन्य तीन दोषियों—कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल—की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। इससे पहले 17 जनवरी 2019 को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम समेत चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राम रहीम के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने का हवाला देते हुए उन्हें बरी करने का आदेश दिया। वहीं बाकी तीनों आरोपियों की सजा को यथावत रखा गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कुछ गंभीर आरोप प्रकाशित किए थे, जिसके बाद यह घटना हुई। मामले ने उस समय व्यापक सुर्खियां बटोरी थीं और बाद में इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।













