विशेष शिक्षकों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट का निर्देश, 4 माह में निर्णय लेने को कहा

सिंगरौली- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ ने विशेष शिक्षकों के नियमितीकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राज्य शासन को निर्देश दिया है कि पात्र शिक्षकों के प्रकरणों पर निर्धारित समयसीमा में निर्णय लिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति विशाल धगत की एकलपीठ ने अर्चना यदुवंशी एवं अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य प्रकरण में पारित किया।
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता विशेष शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और राजनीश कुमार पांडे बनाम भारत संघ (2021) मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार विशेष शिक्षकों के नियमित पदों पर भर्ती की जानी चाहिए, लेकिन राज्य शासन द्वारा अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कहा गया कि यदि याचिकाकर्ता पुनः अपना प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करते हैं तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा उस पर विधि अनुसार विचार किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता 15 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकारी के समक्ष नया प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करें। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी को चार माह के भीतर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में मामले पर विचार कर कारणयुक्त आदेश पारित करना होगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य में माध्यमिक विशेष शिक्षकों के 762 पदों पर नियुक्ति का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पात्र शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर प्रशासन को तय समयसीमा में निर्णय लेना होगा।













