रेलवे परियोजना के लिए मकान तोड़ने के दौरान हादसा, मलबे में दबा पोकलेन ऑपरेटर

देवास। इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत बाधक बने मकानों को हटाने की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। मकान ध्वस्तीकरण के दौरान एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पोकलेन मशीन का ऑपरेटर मलबे में दब गया। गंभीर रूप से घायल ऑपरेटर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार बागली तहसीलदार नीरज प्रजापति के निर्देशन में कमालपुर क्षेत्र में रेलवे लाइन निर्माण में बाधा बन रहे पांच मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। संबंधित मकान मालिकों को पूर्व में नोटिस जारी कर मकान खाली करने और स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने करीब आठ दिन पहले भी अंतिम चेतावनी दी थी।
कार्रवाई के दौरान शकुंतला पति रमेश बेनीवाल का तीन मंजिला मकान अचानक ढह गया और उसकी चपेट में पोकलेन मशीन आ गई। मशीन चला रहा ऑपरेटर प्रताप सिंह, निवासी असम, मलबे में दब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेटर को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया।
हादसे के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जिन मकानों को हटाने के निर्देश दिए गए थे, उनमें शकुंतला बेनीवाल, अनिता बेनीवाल, राजकुमार जैन, प्रेम नारायण मेसरिया तथा भगवान सिंह दरबार के मकान शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए क्षेत्र में अतिक्रमण और बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि को जल्द खाली कराया जाएगा, लेकिन हादसे के बाद सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।













