बिहार में भ्रष्टाचार को लेकर सियासत तेज, तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला

नई दिल्ली- पटना में भ्रष्टाचार और वित्तीय स्थिति को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण सरकारी खजाना खाली हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार वित्तीय संकट से जूझ रही है और हाल ही में निधि निकासी एवं व्यय नियंत्रण से संबंधित पत्र दोबारा जारी करना इसका प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए गलत फैसले लिए, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर राशि खर्च कर चुकी है और अब हालात यह हैं कि सामाजिक पेंशन, छात्रवृत्ति, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और कर्मचारियों के वेतन-पेंशन के लिए भी पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब कर्ज लेकर चल रही है और प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक ब्याज के रूप में भुगतान कर रही है।
राजद नेता के अनुसार, बिहार पर करीब चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं और सरकार के पास न कोई स्पष्ट विजन है और न ही कोई ठोस रोडमैप।
तेजस्वी यादव ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार करीब 90 हजार करोड़ रुपये के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत नहीं कर पाई है, जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करता है।













