सिंगरौली बैंक डकैती : नेपाल से ऑपरेट हो रहा था गैंग, 15 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड विदेश में

सिंगरौली- सिंगरौली में 17 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई 15 करोड़ रुपए की सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड भारत में नहीं, बल्कि नेपाल में बैठकर गैंग को निर्देश दे रहा था।
पुलिस के अनुसार, विदेशी हैंडलर इंटरनेट कॉलिंग के जरिए आरोपियों के संपर्क में था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया। पकड़े गए आरोपी कमलेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि गैंग के सदस्य एक-दूसरे को अच्छी तरह नहीं जानते थे और सभी निर्देश केवल नेपाल स्थित हैंडलर से मिलते थे। पकड़ से बचने के लिए आरोपी सोशल मीडिया या मैसेजिंग का इस्तेमाल नहीं करते थे।
डकैती की योजना बेहद सुनियोजित थी। आरोपियों ने मोरवा क्षेत्र में एक कमरा किराए पर लेकर करीब एक महीने तक बैंक की रेकी की। वे रोज बैढ़न जाकर बैंक की गतिविधियों पर नजर रखते और शाम को लौट आते थे। 17 अप्रैल की तारीख पहले से तय कर वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सभी सदस्य 18 से 22 वर्ष की उम्र के पेशेवर अपराधी हैं, जो अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं और वारदात के बाद लगातार स्थान बदलते रहते हैं। मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा का निवासी बताया गया है, जबकि अन्य आरोपी झारखंड और अन्य क्षेत्रों से हैं।
बैंक मैनेजर करुणा बछर ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बदमाशों ने बैंक में घुसते ही पिस्टल कनपटी पर तान दी और अलार्म बजाने पर गोली मारने की धमकी दी। इससे बैंक स्टाफ और ग्राहक पूरी तरह दहशत में आ गए थे।
इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। वर्ष 2018 में बैंक खुलने के बाद से यहां कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। घटना के बाद अब सशस्त्र गार्ड की नियुक्ति की गई है।
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश के लिए 10 विशेष टीमें गठित की गई हैं और लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी आंतरिक संलिप्तता का पता लगाया जा सके।













