गजरा बहरा कोलयार्ड की उड़ती धूल बनी ‘जहर’: सांस लेना दूभर, रहवासियों में आक्रोश

सिंगरौली। सरई क्षेत्र से सटे गजरा बहरा कोलयार्ड से उड़ने वाली कोयले की धूल ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने के बावजूद हर रोज बर्तन, कपड़े और फर्श पर काली धूल की परत जम रही है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कोलयार्ड प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट कंपनियां पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार नियमित पानी का छिड़काव जरूरी है, लेकिन लंबे समय से यह व्यवस्था बंद पड़ी है।
धूल के कारण बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं, कोयला लदे ट्रक बिना तिरपाल के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे धूल और ज्यादा फैल रही है।
रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से वाटर स्प्रिंकलर, ग्रीन बेल्ट और सख्त निगरानी की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।













