महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस पार्षद अखिलेश सिंह का हमला, कहा—यह भाजपा की राजनीतिक चाल

सिंगरौली। महिला आरक्षण को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस पार्षद अखिलेश सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल को लागू करने में जानबूझकर देरी कर रही है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।
अखिलेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद से पारित होने के बावजूद यह कानून अभी तक जमीन पर लागू नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों से जोड़कर इसकी प्रक्रिया को लंबित कर दिया है, जिससे महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन महिलाओं के अधिकारों के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। अखिलेश सिंह के मुताबिक, भाजपा ने इस मुद्दे को चुनावी रणनीति के तहत पेश किया है और इसे लागू करने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
कांग्रेस पार्षद ने यह भी मांग की कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध है, तो आरक्षण को परिसीमन से अलग कर तुरंत सभी 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के आम चुनाव से पहले बिल को अधिसूचित न करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
इस मुद्दे पर भाजपा पहले ही इस कानून को ऐतिहासिक कदम बता चुकी है और इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा निर्णय मानती है। वहीं विपक्ष लगातार इसके क्रियान्वयन में देरी को लेकर सरकार को घेर रहा है।













