कृषि व्यापार संघ ने फूंका बिगुल: 12 सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल, प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सिंगरौली। खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं की लंबित समस्याओं को लेकर ‘ऊर्जांचल कृषि व्यापार संघ’ ने सोमवार को कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। ए्ग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन (AIDA) के आह्वान पर आयोजित इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के दौरान व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

एक माह का अल्टीमेटम, नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इन मांगों को लेकर प्रदर्शन
व्यापारियों ने 12 सूत्रीय मांगों में उर्वरक कंपनियों द्वारा जबरन लिंकिंग पर रोक, डोर-स्टेप डिलीवरी (FOR) व्यवस्था लागू करने, डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत करने और सैंपल फेल होने पर विक्रेता को जिम्मेदारी से मुक्त रखने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। साथ ही नए बीज अधिनियम और प्रस्तावित कीटनाशक विधेयक 2025 के कठोर प्रावधानों में संशोधन की भी मांग की गई।
ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि झूठी शिकायतों के आधार पर उनका उत्पीड़न किया जाता है। उन्होंने जिला स्तर पर जांच समिति गठन की मांग की, ताकि निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई हो सके। छोटी-छोटी त्रुटियों पर लाइसेंस निलंबन और अनावश्यक नियमों को खत्म करने की भी बात कही गई।
खरीफ सीजन पर असर की चेतावनी
संघ के अध्यक्ष बंशरूप शाह और संगठन महासचिव मनोज दुबे ने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर खरीफ सीजन और कृषि व्यवस्था पर पड़ेगा। रैली में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।













