यूपी के विकास को पंख: पीएम मोदी ने किया 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज का सफर अब 12 नहीं, सिर्फ 6 घंटे में; हरदोई में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने इसे बताया 'यूपी की नई लाइफलाइन'

हरदोई/नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के इतिहास में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में आयोजित एक भव्य समारोह में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्से से जोड़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक गति को भी नई रफ्तार देगा।
दूरी आधी, रफ्तार दोगुनी
उद्घाटन के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “मां गंगा के आशीर्वाद से बना यह एक्सप्रेसवे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।” इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 12 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव पर समाप्त होता है।
12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के 12 महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें शामिल हैं:मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
हरिद्वार तक विस्तार और औद्योगिक कॉरिडोर की घोषणा प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे को आगे हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही इसे फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों, MSME और व्यापारियों को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा यह एक्सप्रेसवे कई मायनों में खास है:
हवाई पट्टी: शाहजहांपुर में आपातकालीन लैंडिंग के लिए 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है।
नदी पुल: गंगा और रामगंगा नदी पर विशाल और अत्याधुनिक पुलों का निर्माण किया गया है।
ITMS सिस्टम: सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवांस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है।
भविष्य की तैयारी: वर्तमान में 6 लेन के इस मार्ग को भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है।
‘विकास और विरासत’ का संगम प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आध्यात्मिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से वे लगातार मां गंगा के सानिध्य में हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे का नाम ‘गंगा’ पर रखने को विकास और विरासत के अद्भुत मेल का प्रतीक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बुनियादी ढांचा उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।













