बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद ‘खूनी खेल’: टीएमसी ने भाजपा पर लगाया हिंसा का आरोप, पुलिस और सुरक्षाबलों पर फायरिंग
कोलकाता से उत्तर 24 परगना तक तनाव; टीएमसी दफ्तरों में आगजनी और दुकानों में तोड़फोड़, ममता की पार्टी ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों पर ‘परिवर्तन’ के नाम पर आतंक फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक तोड़फोड़ और आगजनी की खबरों ने राज्य के सियासी माहौल को गरमा दिया है।
कोलकाता में दुकानों में तोड़फोड़, टीएमसी दफ्तर पर हमला
टीएमसी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोलकाता के न्यू मार्केट क्षेत्र के पास दुकानों में तोड़फोड़ की और पार्टी कार्यालय को निशाना बनाया। टीएमसी ने एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के साथ ही राज्य में डर और हिंसा का माहौल बन रहा है। पार्टी ने इन घटनाओं के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय बलों ने हिंसा रोकने के लिए समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया।
जगतबल्लवपुर में आगजनी, पुलिस टीम पर फायरिंग
हिंसा की लपटें जिलों तक भी पहुंच गई हैं:
जगतबल्लवपुर: यहाँ टीएमसी के एक कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई है।
उत्तर 24 परगना: सरबेरिया-आगरहाटी ग्राम पंचायत के बामनघेरी इलाके में रात के समय गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। इस हमले के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
टीएमसी ने दी ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ देने की चेतावनी
तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ के आगे नहीं झुकेगी। पार्टी ने इन घटनाओं के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और यदि इसे नहीं रोका गया तो आम नागरिकों और राजनीतिक विरोधियों पर खतरा और बढ़ सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन स्वतंत्र रूप से इन घटनाओं की पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, बंगाल की सड़कों पर तनाव व्याप्त है और पुलिस संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।













