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कांग्रेस हार के लिए पूरी दुनिया को दोष देती है : प्रधानमंत्री मोदी

 

बेंगलुरु। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार के लिए पूरी दुनिया को दोष देती है और उसकी राजनीति अहंकार तथा भ्रम पर आधारित हो गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में अपने लंबे समय के सहयोगी DMK को भी धोखा दिया है।

एचएएल एयरपोर्ट के पास आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय 400 से अधिक लोकसभा सीटें जीतने वाली कांग्रेस पिछले तीन लोकसभा चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी, लेकिन इसके बावजूद पार्टी अपनी हार स्वीकार करने के बजाय संविधान, लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों को दोष देती है।

उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसी मुख्यधारा की पार्टी को इस तरह का व्यवहार करते नहीं देखा। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हार से इतनी निराश हो चुकी है कि उसके नेताओं के पास अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकारों का मूल मंत्र “सबका कल्याण” और “सुशासन” है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और यही कारण है कि जनता भाजपा को लगातार दूसरी और तीसरी बार सेवा का अवसर दे रही है।

कांग्रेस शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें बनती हैं, वहां एक वर्ष के भीतर ही जनता में नाराजगी शुरू हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल वादे और “गारंटी” देने का काम करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती।

कर्नाटक सरकार पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याएं सुलझाने के बजाय अपनी आंतरिक कलह में उलझी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसी को नहीं पता कि मुख्यमंत्री कितने समय तक पद पर बने रहेंगे या नेतृत्व परिवर्तन होगा या नहीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने केरल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं और सहयोगियों को धोखा देती है तथा जहां उसकी सरकार होती है वहां तुष्टीकरण और सत्ता संघर्ष देखने को मिलता है।

तमिलनाडु की राजनीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके के बीच तीन दशक पुराना संबंध रहा है और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें डीएमके के समर्थन से चलती रहीं। इसके बावजूद सत्ता समीकरण बदलते ही कांग्रेस ने डीएमके की “पीठ में छुरा घोंपने” का काम किया।

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