वैदिक विश्वविद्यालय की डिग्रियों पर उठे सवाल
कटनी कलेक्टर करेंगे जांच, छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले स्थित महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अंकसूचियों और डिग्रियों की वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मामले में बालाघाट निवासी छात्र आशीष धुर्वे की शिकायत पर अब कटनी कलेक्टर और जिला प्रशासन जांच करेंगे।
बताया गया है कि छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर नियमों के उल्लंघन और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद बालाघाट पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के लिए कटनी कलेक्टर को पत्र भेजा है। विश्वविद्यालय का मुख्यालय कटनी जिले के करौंदी में स्थित होने के कारण जांच की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय ने यूजीसी नियमों का उल्लंघन करते हुए मुख्यालय के बाहर विभिन्न जिलों में परीक्षा केंद्र बनाकर परीक्षाएं आयोजित कीं। छात्र की अंकसूची में परीक्षा केंद्र का नाम तक दर्ज नहीं होने का दावा किया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि विश्वविद्यालय ने बिना वैधानिक अनुमति के कई व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित कर छात्रों से फीस वसूली।
मामले में विश्वविद्यालय की मान्यता, डिग्रियों की वैधता और संचालन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।













