सीधी को नया संभाग बनाने की उठी जोरदार मांग, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने सीएम डॉ. मोहन यादव को सौंपा पत्र

सिंगरौली: विंध्य क्षेत्र में प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ तथा जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से ‘सीधी’ को नया संभाग (Division) बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सिहावल विधानसभा (क्षेत्र-78) के विधायक विश्वामित्र पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर सीधी, सिंगरौली और नवगठित मऊगंज जिले को मिलाकर एक नया ‘सीधी संभाग’ बनाने का पुरजोर अनुरोध किया है।
इस संबंध में विधायक विश्वामित्र पाठक और अजय पाठक ने 20 मई 2026 को मुख्यमंत्री को एक आधिकारिक मांग पत्र सौंपा, जिसमें भौगोलिक दृष्टिकोण और जनहित का प्रमुखता से हवाला दिया गया है।
दूरी और भौगोलिक चुनौतियों का दिया हवाला
मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र में विधायक पाठक ने स्पष्ट किया है कि सीधी मध्य प्रदेश के गठन के समय से ही एक महत्वपूर्ण जिला रहा है और ऊर्जाधानी सिंगरौली का गठन भी सीधी से ही अलग होकर हुआ है। वर्तमान में इन तीनों जिलों (सीधी, सिंगरौली, मऊगंज) के लोगों को अपने संभागीय कार्यों के लिए रीवा जाना पड़ता है, जो आम जनता के लिए काफी दूर और असुविधाजनक है।
पत्र में दूरियों का स्पष्ट विवरण देते हुए बताया गया है कि:
सिंगरौली से रीवा संभाग की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है, जबकि सिंगरौली से सीधी की दूरी मात्र 100 किलोमीटर है।
नए जिले मऊगंज से रीवा संभाग की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है, जबकि मऊगंज से सीधी की दूरी केवल 40 किलोमीटर है।
आम जनता को मिलेगी बड़ी प्रशासनिक राहत
विधायक ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि यदि सीधी को संभाग का दर्जा दे दिया जाता है, तो इन तीनों जिलों के निवासियों को संभाग मुख्यालय से जुड़ी सेवाओं के लिए लंबी और खर्चीली यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे न केवल लोगों के समय और धन की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।
जनहित की दृष्टि से उठाए गए इस कदम की स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहना की जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस प्रस्ताव पर क्या और कब तक निर्णय लेते हैं।













