प्रतिबंधित अवधि में कोयला परिवहन पर कलेक्टर सख्त, कई कंपनियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश

सिंगरौली। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किए जाने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड तथा सृष्टि लॉजिस्टिक्स सहित संबंधित कंपनियों और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर द्वारा 22 मई 2026 को जारी आदेश के तहत 23 मई सुबह 6 बजे से 24 मई दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से फ्लाई ऐश (राखड़) और कोयले के परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद जांच में पाया गया कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान एपीएमडीसी, टीएचडीसी एवं एमडीओ अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़े कोयला लदे वाहन सरई क्षेत्र में परिवहन करते पाए गए। वहीं एपीएमडीसी से संबंधित वाहन बरगवां क्षेत्र में भी प्रतिबंधित समय के दौरान संचालित होते मिले।
तहसीलदार बरगवां की रिपोर्ट के अनुसार 23 मई को सुबह करीब 9 बजे चार कोयला लदे वाहनों को सरई, झुरही और उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय जब्त किया गया था। जांच में सामने आया कि ये वाहन लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके थे और करीब दो घंटे तक परिवहन कार्य में लगे रहे।
प्रशासन ने इसे कलेक्टर के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला कृत्य माना। मामले में संबंधित कंपनियों और वाहन संचालकों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए।
इसके बाद कलेक्टर गौरव बैनल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, एमडीओ अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड, मेसर्स आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा ट्रांसपोर्टर सृष्टि लॉजिस्टिक्स के विरुद्ध प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं।कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।








