कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने का मामला अब कानूनी और सियासी जंग में हुआ तब्दील

भोपाल, 14 जून। मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने का मामला अब कानूनी और सियासी जंग में तब्दील हो गया है। सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ‘चुनाव याचिका’ (Election Petition) दायर करने की तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी नेतृत्व दिल्ली में वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह ले रहा है और अगले सप्ताह याचिका दायर की जा सकती है।
कांग्रेस की रणनीति 21 जून से पहले न्यायालय से अंतरिम राहत पाने की है, क्योंकि इसके बाद ही भाजपा के तीनों निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित थी।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस 15 से 17 जून के बीच प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध आंदोलन करेगी, जिसमें युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस मोर्चा संभालेंगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि चुनाव निर्विरोध हुआ है, इसलिए याचिका में तीनों विजयी भाजपा प्रत्याशियों को पक्षकार बनाना अनिवार्य होगा। अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट के रुख पर टिकी हैं।













