यमुना सफाई अभियान: सीएम रेखा गुप्ता ने किया नेतृत्व, 22 किमी लंबे तट से निकाला गया सैकड़ों ट्रक कूड़ा

नई दिल्ली, 14 जून।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार सुबह यमुना घाट पर ‘मां यमुना नदी तट सफाई अभियान’ का भव्य नेतृत्व किया। इस महा-अभियान में दिल्ली सरकार के मंत्रियों, विधायकों, सातों सांसदों, पार्षदों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के हजारों वालंटियर्स ने हिस्सा लिया। रविवार सुबह 6 बजे से ही यमुना के 22 किलोमीटर लंबे तट पर स्थित 28 अलग-अलग घाटों (जिनमें आईटीओ घाट और कालिंदी कुंज शामिल हैं) पर बड़े पैमाने पर सफाई की गई।
“मां यमुना गंदी होंगी तो कोई भगवान प्रसन्न नहीं होंगे” — मुख्यमंत्री
सफाई अभियान के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से अपनी जिम्मेदारी समझने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “आज सुबह से चल रहे इस अभियान में ‘श्रमदान’ के जरिए सैकड़ों ट्रक कूड़ा बाहर निकाला गया है। अक्सर लोग पूजन सामग्री, भगवान के वस्त्र, मूर्तियां और टूटे पात्र यमुना में फेंक देते हैं। हमें यह सोचना होगा कि मां यमुना को गंदा करके हम किस भगवान को खुश कर रहे हैं? जब तक नागरिक कचरा न फेंकने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक पूर्ण स्वच्छता संभव नहीं है।” सीएम ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार पूरी मुस्तैदी से काम करेगी और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
पीएम मोदी के जनसेवा के 12 वर्ष पूरे होने पर ‘यमुना सेवा’
केंद्रीय राज्यमंत्री व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने बताया कि पूरी दिल्ली में कई स्वैच्छिक संगठन 28 अलग-अलग स्थानों पर इस काम में जुटे हैं।
भाजपा नेताओं ने दी जानकारी
सांसद योगेंद्र चंदोलिया के अनुसार, इस अभियान में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरी दिल्ली कैबिनेट, सातों सांसद, भाजपा विधायक और नगर पार्षद एक साथ जमीन पर उतरे।
विधायक उमंग बजाज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘यमुना सेवा’ के रूप में इस सफाई अभियान को अंजाम दिया है।
इस व्यापक अभियान के तहत यमुना के किनारों को पूरी तरह साफ करने के लिए हजारों लोगों ने मिलकर श्रमदान किया, जिससे नदी के तटीय क्षेत्रों की सूरत बदली हुई नजर आई।













