जिला बनने के बाद भी वार्ड-22 की वैगा बस्ती मूलभूत सुविधाओं से वंचित, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर संकट

सिंगरौली। जिले के विकास और शहरी सुविधाओं के विस्तार के दावों के बीच नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-22 स्थित वैगा बस्ती के रहवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बस्तीवासियों का आरोप है कि जिला बनने के बाद शहर में कई विकास कार्य हुए, लेकिन उनकी बस्ती अब भी बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बस्ती में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। नालियों और कचरे की समस्या के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
बस्तीवासियों का कहना है कि बिजली की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। कई परिवारों को पर्याप्त विद्युत सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। सड़क और आवागमन की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से लोगों को आने-जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाएं भी बस्ती के लोगों की पहुंच से दूर बनी हुई हैं।
वैगा समाज के लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता बस्ती में पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं देता।
बस्तीवासियों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से मांग की है कि क्षेत्र में शुद्ध पेयजल, बिजली, सड़क, साफ-सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सम्मानजनक जीवन और बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सके।













