पीएम आवास की वायरल वीडियो पर पार्षद ने दी सफाई
कहा— मरम्मत और सफाई के लिए गए थे मजदूर, एडिटेड वीडियो से संविदाकार की छवि खराब करने की कोशिश

सिंगरौली। गनियारी स्थित प्रधानमंत्री आवास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुए विवाद पर वार्ड क्रमांक-7 के पार्षद शिवशंकर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वायरल किए जा रहे आरोपों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो को संपादित (एडिट) कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।
पत्रकारों से चर्चा में पार्षद ने बताया कि संबंधित आवास का उपयोग क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के ठहरने एवं आने-जाने के लिए किया जाता है। कुछ दिन पहले कमरे में पानी की टोंटी खराब हो गई थी और परिसर में गंदगी थी। उस समय वे शहर से बाहर थे, इसलिए उन्होंने अपने एक संविदाकार मित्र से सफाई और मरम्मत कराने का अनुरोध किया। इसके बाद संविदाकार ने मजदूरों को वहां भेजा और बाद में स्वयं भी कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे।
पार्षद का आरोप है कि वायरल वीडियो में पहले मजदूरों के आने और बाद में संविदाकार के पहुंचने के दृश्य को जोड़कर ऐसा दिखाया गया, मानो वहां कोई अनुचित गतिविधि हो रही हो। उन्होंने कहा कि यदि आसपास के लोगों को कोई आपत्ति थी तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते थे। पूर्व में एक बार गंदगी की शिकायत मिलने पर तत्काल सफाई करा दी गई थी, उसके बाद कोई शिकायत सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पार्षद ने कहा कि इस तरह के भ्रामक वीडियो से उनके संविदाकार मित्र की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल शिकायत दर्ज कराने का निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।













