राम मंदिर दान प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को भेजा नोटिस, यूपी एसआईटी से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से भी जवाब तलब, अगली सुनवाई अगले सप्ताह; दान में कथित अनियमितताओं की जांच पर सुप्रीम कोर्ट की नजर

नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम कदम उठाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही, मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं, उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिनमें दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने एसआईटी को जांच की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए अगले सोमवार सूचीबद्ध कर दिया।
यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों से संबंधित है। इन आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। जांच के सिलसिले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले की जांच जारी है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब और एसआईटी की प्रगति रिपोर्ट तलब कर आगे की सुनवाई तय की है।













