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उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान कलेक्टर

कलेक्टर ने की उद्यानिकी विभाग की समीक्षा

सिंगरौली/ कलेक्टरगौरव बैनल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उद्यानिकी विभाग के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्धारित विभागीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचाया जाए तथा लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने फल एवं सब्जी उत्पादन, मसाला एवं पुष्प फसलों के प्रोत्साहन, संरक्षित खेती, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, पौधरोपण, उद्यानिकी मिशन तथा किसानों को दिए जाने वाले अनुदान संबंधी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

 

कलेक्टर ने कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने हेतु विभागीय अधिकारियों को जिले में मसाला क्लस्टर बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग का मैदानी अमला निर्धारित किए गए मसाला क्लस्टरों के अंतर्गत आने वाले गांवों के किसानों को हल्दी, धनिया, लहसुन आदि मसाला फसलों के उत्पादन को बढ़ाने हेतु प्रेरित करे। किसानों को कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन के संबंध में जागरूक करते हुए इससे होने वाली आय में वृद्धि के संबंध में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत मसाला निर्माण इकाइयों से संबंधित प्रकरणों को बैंकों में प्रस्तावित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु अधिक से अधिक प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।

कलेक्टर ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि फल एवं सब्जी उत्पादन के लिए प्रस्तावित क्षेत्रों का मृदा परीक्षण कर फसलों का चयन किया जाए, ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। इसके साथ ही इनके भंडारण हेतु स्टोरेज यूनिट स्थापित की जाएं। संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत पॉलीहाउस निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि पॉलीहाउस के माध्यम से जिले में उच्च मूल्य की सब्जियों, फलों एवं फूलों का उत्पादन बढ़ाया जा सके। साथ ही मशरूम बीज उत्पादन इकाई एवं मशरूम कम्पोस्ट इकाई की स्थापना भी जिले में की जाए, जिससे जिले में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यानिकी फसलों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण, भ्रमण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे वे आधुनिक खेती अपनाकर अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त कर सकें। बैठक में कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाने, योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए उद्यानिकी क्षेत्र के विकास एवं किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। बैठक के अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बैंकों में भेजे जाने वाले हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरणों से संबंधित दस्तावेजों की पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जिला रिसोर्स पर्सन एवं संबंधित क्षेत्र के आरएचओ बैंक तथा हितग्राहियों के मध्य समन्वय बनाए रखें, ताकि प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सके और हितग्राही समय पर लाभान्वित हो सकें। बैठक के दौरान उप सचालक उद्यानिक एच.एल निमोरिया, एसडीओ उद्यानिक शैलेन्द्र जयसवाल, सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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