राहुल गांधी के गांधी स्मृति मार्च पर सियासी घमासान
बैरिकेडिंग और पुलिस रोक को लेकर कांग्रेस-प्रशासन आमने-सामने

नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर गुरुवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ गांधी स्मृति के लिए निकले, लेकिन रास्ते में पुलिस बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को गांधी स्मृति जाने से रोका गया, जबकि दिल्ली पुलिस ने इसे सुरक्षा और लागू निषेधाज्ञा के तहत आवश्यक कार्रवाई बताया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने और उनके समर्थन में आयोजित किया गया था, जिनका नाम कथित तौर पर नीट विवाद से जोड़ा जा रहा है। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस का आरोप है कि पहले सुनेहरी बाग रोड और बाद में अमित शाह के आवास के पास बैरिकेड लगाकर काफिले को रोका गया। वहीं पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में लागू बीएनएसएस की धारा 163 और सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह कदम उठाया गया।
राहुल गांधी ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटनाक्रम के बाद नीट विवाद को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया है।













