अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में शिक्षा और संस्कार पर हुआ मंथन
विद्यार्थियों की प्रगति, अनुशासन और सर्वांगीण विकास पर हुई चर्चा

चितरंगी। शासकीय सांदीपनि मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चितरंगी में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के दसवें दिन अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं उपस्थित अभिभावकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी मिश्रीलाल सिंह ने कहा कि माता-पिता बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं। जो विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करता है, वह जीवन में सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाकर उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि विनोद विश्वकर्मा ने कहा कि गुरु विद्यार्थियों की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करते हैं और अनुशासन व संस्कारों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं। प्राचार्य अशोक सिंह ने कहा कि शिक्षक और शिष्य का संबंध विश्वास एवं समर्पण पर आधारित होता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की प्रगति के लिए विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की।
शिक्षक सत्यकाम तिवारी, आईटी शिक्षक अर्जुन सिंह एवं अखिलेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अश्वनी बैस ने किया। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।













