बैगा आदिवासी गांवों में रहस्यमयी बीमारी का कहर, 7 बच्चों की मौत का दावा
बुखार, उल्टी-दस्त और शरीर पर चकत्तों से ग्रामीण परेशान, स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में डाला डेरा

बालाघाट। जिले के बिरसा और बैहर विकासखंड की अडोरी पंचायत के सुदूर बैगा आदिवासी गांवों में अज्ञात बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है। बोनदारी, कोहनीमोर, भंडारी और कुंडेकसा गांवों में पिछले एक माह से बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण तेज बुखार, उल्टी-दस्त और शरीर पर लाल चकत्ते जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बीमारी से अब तक 7 बच्चों की मौत होने का दावा किया है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार बोनदारी गांव में 12 वर्षीय लमनीन, ढाई वर्षीय संतोष, कुंडेकसा गांव में 3 वर्षीय प्रीति सहित अन्य बच्चों की मौत हुई है।
इलाज की जगह झाड़-फूंक पर भरोसा बनी चिंता
प्रारंभिक जांच में दूषित पानी, भोजन या किसी संक्रमण को बीमारी का संभावित कारण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही है और बीमार लोगों की जांच के साथ दवाइयां वितरित की जा रही हैं। वहीं कुछ ग्रामीण अभी भी आधुनिक चिकित्सा के बजाय झाड़-फूंक और स्थानीय उपचार पर निर्भर हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
सरपंच ने लगाए लापरवाही के आरोप
अडोरी पंचायत के सरपंच परसराम धुर्वे ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के तीन गांवों में करीब एक माह से बीमारी फैली हुई है। उनका कहना है कि समय रहते स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग की है।
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलव ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है। बीमारी के कारणों और हुई मौतों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमारी की चपेट में बताए जा रहे हैं। कई बच्चों का जिला अस्पताल और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के नमूने सहित अन्य जांच कर बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीम लगातार निगरानी कर रही है।













