पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और उनके सरपरस्तों को नेस्तनाबूत किया: राजनाथ सिंह
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर बोले रक्षा मंत्री- भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों पर किए गए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और उनके सरपरस्तों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
राजनाथ सिंह दिल्ली कैंट स्थित सेना के बेस अस्पताल में आयोजित विशेष रक्तदान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि देश की नारी शक्ति और उनके सम्मान की रक्षा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं के सिंदूर की रक्षा के लिए भारत किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है।
रक्तदान को संस्कृति बनाने की अपील
रक्षामंत्री ने इस अवसर पर आयोजित ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ का उल्लेख करते हुए रक्तदान को मानवता, संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा से जुड़ा कार्य बताया। उन्होंने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री या प्रयोगशाला में तैयार नहीं किया जा सकता। एक स्वस्थ इंसान ही दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त देकर जीवन बचा सकता है।
कार्यक्रम में सांगली से आए सैकड़ों खिलाड़ियों और अन्य लोगों ने रक्तदान किया। आयोजन में करीब एक हजार यूनिट रक्त एकत्रित कर भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए समर्पित किया गया।
राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी शारीरिक क्षमता उनकी पहचान है, लेकिन रक्तदान के जरिए उन्होंने इससे भी बड़ी करुणा और मानवता की शक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि यह रक्त भंडार जरूरत के समय जवानों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
रक्षामंत्री ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि रक्तदान को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर देश को केवल विकसित अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के रूप में भी स्थापित करना लक्ष्य होना चाहिए।













