जस की तस है आवारा पशुओं की समस्या
खोखले साबित हुए विधानसभा के आश्वासन-अजय सिंह

सिंगरौली- पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में आवारा पशुओं की गंभीर समस्या पर विस्तृत चर्चा हुई थी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सहित सत्तापक्ष और विपक्ष के तमाम माननीय सदस्यों ने इस समस्या की गंभीरता को स्वीकार किया था। तब सदन में तत्कालीन पशुपालन मंत्री लखन पटेल और सरकार के अन्य मंत्रियों ने पूरी गंभीरता के साथ आश्वस्त किया था कि किसानों और आमजन को इस त्रासदी से राहत दिलाने के लिए शीघ्रातिशीघ्र ठोस कार्यवाही की जाएगी।
सिंह ने कहा कि इस बात को लंबा समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है| सरकार ने सदन में दिए गए अपने आश्वासनों पर आज तक कोई अमल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश का किसान बेबस और लाचार है। किसान अपनी खून-पसीने से सींची फसलों को बचाने के लिए रात-दिन खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। इसके बावजूद आवारा पशुओं के झुंड खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद कर रहे हैं। इससे अन्नदाता लगातार कर्ज के दलदल में डूबता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के नेशनल हाईवे और मुख्य सड़कें आवारा पशुओं के जमावडेो से दुर्घटना का कारण बन चुकी हैं। यहाँ आए दिन होने वाली भीषण सड़क दुर्घटनाओं में बेगुनाह नागरिक अपनी जान गंवा रहे हैं।
अजय सिंह ने कहा कि सरकार ने बड़ी गोशालाएं बनाने और पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने के जो दावे किए थे, वे पूरी तरह कागजी और खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कुंभकर्णी नींद से जागे और सदन में दिए गए आश्वासनों को पूरा करे। सरकार तत्काल ब्लॉक व जिला स्तर पर ठोस कार्ययोजना लागू कर किसानों को इस भयानक समस्या से मुक्ति दिलाए अन्यथा कांग्रेस पार्टी किसानों के हक के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।









