राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार
कोर्ट ने कहा- एसआईटी सीधे सुप्रीम कोर्ट के प्रति जवाबदेह, केंद्र ने तीन सप्ताह में नई रिपोर्ट देने की बात कही

नई दिल्ली, 18 अगस्त। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि मामले की जांच पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एसआईटी की रिपोर्ट तैयार है और जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। याचिकाकर्ताओं ने रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।
एसआईटी पर ट्रस्ट का नियंत्रण नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी सीधे अदालत के प्रति जवाबदेह है और उस पर राम मंदिर ट्रस्ट का कोई नियंत्रण नहीं है। कोर्ट ने सभी पक्षों को एसआईटी जांच से जुड़े सुझाव केंद्र सरकार के समक्ष देने की अनुमति दी।
याचिकाकर्ताओं ने सीबीआई जांच, ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन के स्वतंत्र ऑडिट और दान से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी रखी। कोर्ट ने पहले दिए आदेश के तहत जांच में फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने की बात दोहराई।
केंद्र ने फॉरेंसिक ऑडिटर की रिपोर्ट सहित आगे की जांच से जुड़ी नई रिपोर्ट तीन सप्ताह में दाखिल करने की बात कही। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े को अपनी याचिका की कमियां दूर करने के निर्देश भी दिए।













