बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

परसौना-माजन मोड़-निगाही मार्ग पर जानलेवा गड्ढे, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग

सिंगरौली- परसौना से माजन मोड़ होते हुए निगाही तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली ने सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एमपीआरटीसी द्वारा निर्मित इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बावजूद इसके सड़क की मरम्मत और खतरनाक गड्ढों को भरने को लेकर जिम्मेदार विभाग की ओर से अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आ रही है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढों में पानी जमा होने से स्थिति और खतरनाक हो गई है। खासकर दोपहिया वाहन चालक अचानक गड्ढे सामने आने पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। रात के समय खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि जलभराव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या नई नहीं है। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं होने से गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं परसौना से निगाही मोड़ तक सड़क के साथ नाली और जलनिकासी की समस्या भी पहले सामने आ चुकी है।

विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल
सिंगरौली में बारिश के दौरान कई प्रमुख सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और उनमें गहरे गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा। क्या सड़क का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता? अगर किया जाता है तो फिर खतरनाक गड्ढों की मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई? बारिश के मौसम से पहले जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं दुरुस्त की गई। ये सवाल अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

तत्काल मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि परसौना-माजन मोड़-निगाही मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए तथा जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नालियों और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत किसी हादसे के बाद नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले होनी चाहिए। जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करे, ताकि बारिश के दौरान किसी राहगीर की जान जोखिम में न पड़े।

Author

Related Articles

Back to top button